महाराष्ट्रः महाराष्ट्र में निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विदर्भ के मैदान में उतरकर विरोधियों पर तीखा हमला बोला है. चंद्रपुर, अमरावती और अकोला में ताबड़तोड़ रैलियां करते हुए सीएम फडणवीस ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार का फोकस विकास और महिला सशक्तिकरण पर है. वहीं इसी बीच उन्होंने लाडकी बहिन योजना को लेकर एक बड़ी बात कह दी.
अकोला में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए फडणवीस ने लाडकी बहिन योजना को लेकर विपक्ष के डर को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, "विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि चुनाव के बाद यह योजना बंद हो जाएगी, लेकिन जब तक आपके देवाभाऊ मुख्यमंत्री हैं, इस योजना को कोई रोक या बंद नहीं कर सकता." उन्होंने भरोसा दिलाया कि बहनों के सम्मान की यह कड़ी टूटनी नहीं दी जाएगी.
मुख्यमंत्री ने नगर निकायों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अब छोटे नगर निगमों को विकास योजनाओं में अपनी 30% हिस्सेदारी देने की जरूरत नहीं होगी. यह खर्च अब राज्य सरकार खुद उठाएगी. अक्सर फंड की कमी की वजह से छोटे शहरों के प्रोजेक्ट अटक जाते थे, लेकिन अब विकास की गति नहीं रुकेगी.
रोड शो के दौरान फडणवीस ने बताया कि केंद्र ने महाराष्ट्र के शहरी विकास के लिए 50,000 करोड़ रुपए दिए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर नगर निगम में भ्रष्ट और बिचौलिये आ गए, तो यह पैसा जनता तक नहीं पहुंचेगा. अमरावती को भी वह तोहफा देंगे. यहां उन्होंने 212 करोड़ रुपए की सड़क योजना और 200 करोड़ रुपए के अंबादेवी प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की बात कही. साथ ही, जल्द ही यहां एक फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू होने जा रहा है.
फडणवीस ने मतदाताओं से सीधा संवाद करते हुए कहा कि बीजेपी और महायुति सरकार केवल वादे नहीं करती, बल्कि काम का हिसाब भी देती है. उन्होंने अपील की आप हमें 15 जनवरी को अपना समर्थन दें और 16 जनवरी से शहर की सेवा करने की जिम्मेदारी हमारी होगी.