नई दिल्ली: उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भारत और पाकिस्तान के सैनिकों के बीच एक बार फिर तनाव देखने को मिला है. 20 और 21 जनवरी की रात लाइन ऑफ कंट्रोल पर हुई गोलीबारी ने सीमा पर हालात को संवेदनशील बना दिया. यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब भारतीय सेना सर्दियों के दौरान घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर हाई-टेक निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है.
रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह गोलीबारी उस वक्त हुई जब 6 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान केरन बाला इलाके में हाई-टेक सर्विलांस कैमरे स्थापित कर रहे थे. इन कैमरों का उद्देश्य सीमा पर मौजूद ब्लाइंड स्पॉट को खत्म करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखना था. इसी दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने छोटे हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी.
पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से इंस्टॉलेशन रोकने के लिए दो राउंड फायर किए गए. इसके जवाब में भारतीय जवानों ने पूरी सतर्कता के साथ एक नियंत्रित जवाबी गोली चलाई. सैन्य सूत्रों का कहना है कि स्थिति को अनावश्यक रूप से बढ़ने से रोकने के लिए संयम बरता गया. दोनों पक्षों की ओर से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
गोलीबारी के बाद भारतीय सेना ने इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है. सेना को आशंका है कि यह फायरिंग किसी संभावित घुसपैठ की कोशिश से ध्यान भटकाने के लिए की गई हो सकती है. घना जंगल और दुर्गम इलाका होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
पूरे केरन सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है. सेना सर्दियों के महीनों में पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर विशेष ध्यान दे रही है. तकनीकी निगरानी साधनों को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि खराब मौसम और बर्फबारी के बावजूद सीमा पर किसी भी गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके.
इससे पहले जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया. तीसरे दिन कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया. इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया, जबकि ग्रेनेड हमले में सात अन्य घायल हुए. आतंकवादियों के ठिकानों से सर्दियों का सामान भी बरामद किया गया.