menu-icon
India Daily

'AI की ‘सेकंड लाइन’ में नहीं, टॉप ग्रुप में है भारत', दावोस में अश्विनी वैष्णव ने IMF को दिया करारा जबाव

दावोस में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IMF के आकलन को खारिज करते हुए कहा कि भारत किसी दूसरे समूह में नहीं, बल्कि वैश्विक AI महाशक्तियों के पहले समूह में स्पष्ट रूप से शामिल है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'AI की ‘सेकंड लाइन’ में नहीं, टॉप ग्रुप में है भारत', दावोस में अश्विनी वैष्णव ने IMF को दिया करारा जबाव
Courtesy: ani

नई दिल्ली: विश्व आर्थिक मंच दावोस में भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमता को लेकर बड़ी बहस देखने को मिली. IMF प्रमुख के बयान के बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को AI के दूसरे दर्जे के देशों में रखना तथ्यों के विपरीत है. उन्होंने वैश्विक रैंकिंग, प्रतिभा और तकनीकी इकोसिस्टम का हवाला देते हुए भारत की स्थिति को AI महाशक्तियों के पहले समूह में बताया.

दावोस में AI को लेकर टकराव

दावोस में AI के वैश्विक प्रभाव पर चर्चा के दौरान IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं का जिक्र किया. उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमता को सराहा, लेकिन कुछ वक्ताओं ने भारत को AI के 'दूसरे समूह' में रखने की बात कही, जिस पर अश्विनी वैष्णव ने कड़ा ऐतराज जताया.

भारत दूसरे नहीं, पहले समूह में

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत को किसी भी सूरत में दूसरे दर्जे का AI देश नहीं माना जा सकता. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का AI दृष्टिकोण अधूरा नहीं, बल्कि एंड-टू-एंड है. उनका कहना था कि गलत वर्गीकरण भारत की वास्तविक प्रगति को कमतर दिखाता है.

AI के पांचों स्तरों पर भारत की पकड़

मंत्री ने बताया कि AI आर्किटेक्चर पांच स्तरों- एप्लिकेशन, मॉडल, चिप, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी पर आधारित होता है. भारत इन सभी स्तरों पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है और हर मोर्चे पर ठोस प्रगति कर रहा है, खासतौर पर बड़े पैमाने पर AI के उपयोग को लेकर.

वैश्विक रैंकिंग से भारत का दावा मजबूत

IMF के आकलन पर सवाल उठाते हुए वैष्णव ने स्टैनफोर्ड जैसी वैश्विक संस्थाओं की रैंकिंग का हवाला दिया. उनके अनुसार भारत AI अपनाने और तैयारियों में दुनिया में तीसरे, जबकि AI टैलेंट के मामले में दूसरे स्थान पर है, जो भारत को शीर्ष समूह में रखता है.

एप्लिकेशन लेयर में भारत की असली ताकत

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि AI में असली रिटर्न बड़े मॉडल बनाने से नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक इस्तेमाल से आता है. भारत एंटरप्राइज जरूरतों को समझकर AI आधारित सेवाएं देने में आगे है और 20–50 अरब पैरामीटर वाले मॉडल्स के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता बढ़ा रहा है.

सम्बंधित खबर