उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का एक ट्रेनर विमान रूटीन ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. यह विमान एयरपोर्ट के नजदीक एक तालाब में गिर गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई.
राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. टना के चश्मदीदों के अनुसार, छोटा प्रोपेलर विमान अचानक संतुलन खोता हुआ दिखाई दिया. कुछ ही पलों में विमान तेजी से नीचे की ओर गया और तालाब में जा गिरा.
हादसे की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रशासन और जिला प्रशासन हरकत में आ गया. एनडीआरएफ के गोताखोरों ने तालाब में उतरकर विमान के आसपास का इलाका सुरक्षित किया, जबकि दमकल कर्मियों ने किसी भी संभावित आग पर काबू पाने के लिए मोर्चा संभाला. सूत्रों के मुताबिक, पायलटों ने समय रहते सूझबूझ दिखाई, जिससे उनकी जान बच सकी. दोनों को प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान स्विस निर्मित पिलाटस PC-7 ट्रेनर था, जिसका उपयोग वायुसेना में शुरुआती उड़ान प्रशिक्षण के लिए किया जाता है. यह विमान एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन पर था, जब तकनीकी या अन्य कारणों से यह हादसा हुआ. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई या किसी अन्य वजह से.
IAF aircraft crashes in Prayagraj during a training sortie. both pilots are safe. #PlaneCrash Air Force One pic.twitter.com/A0p1xGsh10
— Tanisha Sarania (@TanishaSarania) January 21, 2026
भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर घटना की पुष्टि की है. IAF ने कहा कि हादसे में जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है और दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं. वायुसेना ने यह भी स्पष्ट किया कि दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का गठन किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर में चेन्नई के चेंगलपट्टू जिले में तांबरम के पास भी एक IAF ट्रेनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था. उस समय पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर अपनी जान बचा ली थी. लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर ट्रेनिंग विमानों की तकनीकी सुरक्षा और मेंटेनेंस को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.