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लव मैरिज तो ठीक है... लेकिन लिव इन, समलैंगिग शादियों पर भड़की खाप पंचायतें, जानें क्या होगा अगला कदम?

Khap Panchayat: खाप पंचायतों ने कहा है कि लव मैरिज तो ठीक है, लेकिन हम किसी भी तरह से समलैंगिक शादी और लिव इन रिलेशन को अपना समर्थन नहीं देंगे. 300 से अधिक खाप पंचायतों के सदस्यों ने कहा कि वे लिव इन रिलेशन और सेम सेक्स मैरिज पर बैन लगाने की मांग करते हैं. उन्होंने कहा कि वे जल्द ही अपनी मांगों को लेकर पीएम मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे.

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लव मैरिज तो ठीक है... लेकिन लिव इन, समलैंगिग शादियों पर भड़की खाप पंचायतें, जानें क्या होगा अगला कदम?
Courtesy: Social Media

Khap Panchayat: खाप पंचायत नेताओं ने समलैंगिक विवाह और लिव-इन संबंधों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है. 300 से अधिक खाप पंचायतों के सदस्यों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं, लेकिन इसमें माता-पिता की सहमति जरूरी है. उन्होंने ये भी कहा कि हम लिव इन रिलेशन के खिलाफ इसलिए हैं क्योंकि लिव-इन रिलेशनशिप के कारण 'पारिवारिक व्यवस्था टूटती है. एक ही गोत्र में विवाह से सामाजिक ताना-बाना नष्ट हुआ है.

हरियाणा के जींद में रविवार को करीब 300 खाप पंचायतों के नेताओं ने महापंचायत की और धमकी दी कि अगर लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध लगाने की उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे. बैठक में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के खाप पंचायतों के सदस्यों शामिल रहे.

समलैंगिग विवाह से तो जानवर भी बचते हैं, लगे बैन

बनैन खाप के प्रमुख रघुबीर नैन ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. समलैंगिक विवाह पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि जानवर भी इससे बचते हैं. उन्होंने कहा कि हमने प्रेम विवाह के बारे में भी चर्चा की. खाप प्रेम विवाह के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन माता-पिता की सहमति आवश्यक है, क्योंकि कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता. उन्होंने कहा कि खाप एक ही गोत्र में विवाह के खिलाफ हैं.

नैन ने कहा कि खाप पंचायत प्रतिनिधि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी मिलेंगे और सरकार पर कानूनों में संशोधन करने का दबाव बनाएंगे. उन्होंने कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं और उचित कानून में संशोधन नहीं किया गया तो हम आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने बताया कि इसके लिए 51 सदस्यीय समिति गठित की जा रही है.

महिला खाप नेता ने लिव इन रिलेशन को लेकर क्या कहा?

महिला खाप नेता संतोष दहिया ने भी कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा जिस पर चर्चा हुई, वह है लिव-इन रिलेशनशिप और एक ही गोत्र में विवाह. लिव-इन रिलेशनशिप के कारण पारिवारिक व्यवस्थाएं टूट रही हैं, क्योंकि इसे वैधानिक बना दिया गया है. इससे समाज, बच्चों और हमारी संस्कृति पर बुरा असर पड़ा है.

दहिया ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के कारण महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं, क्योंकि उनके पति और भाई उनकी उपेक्षा करके अपनी पसंद की महिला के साथ रहना शुरू कर देते हैं. उन्होंने कहा कि वह न्याय पाने के लिए नहीं जा सकती, क्योंकि लिव-इन कानूनी है और इसीलिए महिलाओं को लिव-इन संस्कृति के खिलाफ लड़ना चाहिए. दहिया ने कहा कि समान गोत्र विवाह के मुद्दे ने सामाजिक ताने-बाने को नष्ट कर दिया है, इसके अलावा आनुवंशिक समस्याएं भी पैदा हुई हैं, जो समान गोत्र विवाह के बाद बढ़ जाती हैं.