केरल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने तय किया है कि वह 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में 86 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी. यानी माकपा अकेले ही आधे से ज्यादा सीटों पर अपनी ताकत आजमाएगी.
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इस बार कन्नूर जिले की धर्मदम सीट से चुनाव लड़ेंगे. इससे पहले भी कई बार धर्मदम से ही चुनाव लड़ चुके हैं और यह सीट उनके लिए सुरक्षित मानी जाती है. पिनाराई विजयन राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शख्सियत हैं और उनकी उम्मीदवारी से पार्टी को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, जिन्हें कोरोना काल में उनके बेहतरीन काम के लिए पूरे देश में सराहा गया था, इस बार पेरावूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी. पिछले चुनाव में उन्होंने मट्टन्नूर से रिकॉर्ड वोटों से जीत हासिल की थी. इस बार उनका मुकाबला केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ से होगा, जो फिलहाल पेरावूर से विधायक हैं. यानी शैलजा के लिए यह सीट आसान नहीं होगी, लेकिन उनकी लोकप्रियता को देखते हुए यह मुकाबला दिलचस्प होगा.
केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी. निर्वाचन आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है. केरल के अलावा असम और पुडुचेरी में भी 9 अप्रैल को ही वोट डाले जाएंगे. वहीं पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव दो चरणों में होंगे. सभी राज्यों के नतीजे 4 मई को एक साथ आएंगे.
Schedule for #KeralaElections2026👇
— Election Commission of India (@ECISVEEP) March 15, 2026
Election in Single Phase
🗓️Date of Poll: 9-04-2026
🗓️Date of Counting: 4-05-2026#ECI #KeralaAssemblyElections pic.twitter.com/CS3G7nr719
माकपा ने 86 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि उसके सहयोगी दल बाकी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. पार्टी ने 56 मौजूदा विधायकों को फिर से मैदान में उतारा है, जिससे साफ है कि पार्टी अपने पुराने और अनुभवी चेहरों पर भरोसा जता रही है.