Lt Governor Manoj Sinha on Poonch attack: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दावा किया है कि घाटी में सुरक्षा की स्थिति पश्चिम बंगाल की तुलना में बेहतर है. सिन्हा का यह बयान जम्मू के पुंछ जिले में घात लगाकर किए गए हमले के बाद आया है. हमले में भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हुए हैं. सिन्हा ने कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को देखने के लिए राज्य का दौरा करें. इसके बाद आप खुद अंतर देखेंगे.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब पत्रकारों ने टिप्पणी के बारे में सवाल किया, तो सिन्हा ने स्पष्ट किया कि मेरे बयान को राजनीतिक रूप से तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए. मेरे कहने का मतलब था कि कश्मीर में सुरक्षा स्थिति बंगाल जितनी ही अच्छी है. मनोज सिन्हा ने सेना के काफिले पर आतंकी हमले की निंदा व्यक्त की. उन्होंने घाटी में शांति को प्रभावित करने के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है. हम ऐसी हिंसा की निंदा करते हैं. हमारा पड़ोसी घाटी में शांति भंग करने के लिए ऐसी चीजें कर रहा है, लेकिन यह सब व्यर्थ है, क्योंकि कश्मीर में आतंकवाद अपनी मृत्युशैया पर है. इसके अलावा, सिन्हा ने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद सुरक्षा स्थिति में पहले की तुलना में काफी हद तक सुधार हुआ है.
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से जम्मू-कश्मीर अब एक ऐतिहासिक रास्ता अपना रहा है. औद्योगिक विकास के लिए एक ठोस आधार तैयार किया गया है. विकास चाहने वालों के लिए जम्मू-कश्मीर में निवेश करना एक बेहतर विकल्प होगा. इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सिन्हा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार के आंकड़ों के आधार पर कोलकाता और बंगाल को सबसे सुरक्षित स्थानों के रूप में उजागर करके उनके दावे का जवाब दिया.
टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि मनोज सिन्हा भाजपा के व्यक्ति हैं. वही बातें कह रहे हैं जो उनकी पार्टी चाहती है. उन्हें वास्तव में पिछले राज्यपाल से बात करनी चाहिए और उनसे पूछना चाहिए कि पुलवामा में क्या हुआ था? केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोलकाता और पश्चिम बंगाल सबसे सुरक्षित स्थान हैं.