राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और छात्रों की मांगों से जुड़े मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसका समाधान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि सार्थक संवाद से निकलेगा. नड्डा ने विपक्ष से अपील की कि छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय संसद में रचनात्मक चर्चा में भाग लिया जाए.
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जेपी नड्डा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल केंद्र सरकार से जुड़े मामलों को उठाते हैं, जबकि विपक्ष शासित राज्यों में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों का उल्लेख नहीं करते. नड्डा ने कहा कि यदि पिछले वर्षों में हुई सभी पेपर लीक घटनाओं की जांच की आवश्यकता है, तो सरकार इसके लिए तैयार है और तथ्यों को देश के सामने रखा जाएगा. उनके अनुसार, किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच ही सही रास्ता है.
राहुल गांधी जी ये बताएं कि उन्होंने यूपीए और यूपीए से सपोर्टेड सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की।
— BJP (@BJP4India) July 22, 2026
इंडी गठबंधन के सरकारों के बारे में क्यों नहीं चर्चा की। आपने इनसे क्यों अलग रखा।
ये स्पष्ट बताता है कि राहुल गांधी का उद्धेश्य छात्रों का हित नहीं है, छात्रों को जस्टिस… pic.twitter.com/bqU88FWkio
जेपी नड्डा ने दोहराया कि सरकार संसद में किसी भी प्रारूप में चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष छोटी अवधि की चर्चा चाहता है तो भी सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और यदि 12 घंटे या 18 घंटे की लंबी बहस की मांग होती है, तब भी सरकार चर्चा से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि संसद ही ऐसा लोकतांत्रिक मंच है जहां सरकार और विपक्ष मिलकर परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस नीति तैयार कर सकते हैं.
हमारा कहना है कि आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर हमें इस पर चर्चा करनी चाहिए।
— BJP (@BJP4India) July 22, 2026
और चर्चा करने का जो सबसे अच्छा माध्यम है, वो सदन है और हम चर्चा के लिए तैयार हैं।
गहन चर्चा हो, और हम इसकी बारीकियों में जाएं... ताकि हमारे छात्रों के साथ अन्याय न हो और भाजपा पीएम मोदी जी के नेतृत्व… pic.twitter.com/uwaWW9stjM
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ हुई मुलाकात पर नड्डा ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई थी और प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगें लिखित रूप में सरकार को सौंपी हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है और भविष्य में भी संवाद के लिए दरवाजे खुले हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बुधवार को प्रतिनिधियों के साथ कोई नई बैठक नहीं हुई. नड्डा ने कहा कि छात्रों का भविष्य सभी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है और सरकार तथा विपक्ष को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जवाबदेह बन सके.