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'हिला गया है मानसिक संतुलन', इंडिया गठबंधन में नीतीश के जाने पर JDU ने पहली बार तोड़ी चुप्पी

Lok Sabha Election Result Reaction: लोकसभा चुनाव के बाद इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश कुमार NDA छोड़ इंडिया गठबंधन में शामिल होंगे. इसपर अब JDU ने पत्र जारी कर करारा जवाब दिया है.

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'हिला गया है मानसिक संतुलन', इंडिया गठबंधन में नीतीश के जाने पर JDU ने पहली बार तोड़ी चुप्पी
Courtesy: ANI

Reaction After Election Result: लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट आने के बाद कयासों के बाजार भी गर्म हो गए थे. NDA ने 292 सीटें हासिल की लेकिन, इसमें JDU की 12 सीटें शामिल रहीं. भाजपा के पास अकेले बहुमत न होने के कारण लोग इस बात के कयास लगा रहे थे की बिहार के मुख्यमंत्री NDA छोड़ इंडिया गठबंधन में शामिल हो जाएंगे. नितीश कुमार के खिलाफ चल रहे कैंपेन का अब पार्टी ने जवाब दिया है. इसके लिए JDU ने एक पत्र जारी किया है.

बता दें चुनाव परिणाम में 292 सीट NDA यानी भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन को मिली हैं. वहीं इंडिया गठबंधन को 234 सीटें मिली हैं. नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के NDA छोड़ने पर सरकार नहीं बन पाएगी. क्योंकि, इनके पास 12 और 16 सीटें हैं. ऐसे में नीतीश का नाम काफी चर्चा में रहा. खैर उन्होंने NDA को समर्थन का ऐलान किया है.

पार्टी ने जारी किया पत्र

नीतीश को लेकर चल रहे कैंपेन पर जनता दल यूनाइटेड ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. इसमें नीतीश कुमार के बारे में झूठे प्रचार हताशा का नतीजा बताया गया है. इसमें कहा गया है कि एनडीए की एकता चट्टान की तरह मजबूत है.

'मानसिक संतुलन हिल गया है'

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए कहा कि तमाम जोड़- तोड़ और झूठे प्रचार पर करोड़ों बहाने के बाद के भी लगातार तीसरी बार चुनाव हारने के बाद इंडी गठबंधन के नेताओं का मानसिक संतुलन हिल गया है. नीतीश कुमार के बारे में किया जा रहा दुष्प्रचार उनकी इसी बौखलाहट का नतीजा है. यह लोग जान लें कि एनडीए की एकता चट्टान की तरह मजबूत है.

राजीव रंजन ने कहा- मौजूदा लोकसभा चुनाव कोई सामान्य चुनाव नहीं था बल्कि यह खानदानी व अवसरवादी पार्टियों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले दलों के बीच का राजनीतिक युद्ध था. इसमें एक तरफ जहां परिवार की जमींदारी बचाए रखने को आतुर लोग थे तो दूसरी तरफ देश का हित चाहने वाले नमो-नीतीश जैसे नेता भले ही हमारी सीटें कुछ कम आयी हों, लेकिन वंशवादी दलों को लगातार तीसरी बार पटकनी देकर जनता ने यह दिखा दिया कि देश की वंशवाद के दिन अब लद चुके हैं.

लोकतंत्र और विकास के साथ

जनता लोकतंत्र और विकास के साथ है. वर्तमान एनडीए सरकार में जितने भी दल हैं सभी राष्ट्र और जनता के प्रति समर्पित हैं. सभी का एकमात्र ध्येय जनता का विकास करना है. इसलिए सभी दलों के सहयोग से एनडीए के तीसरे कार्यकाल में देश विकास के पथ पर और तेजी से दौड़ लगाने वाला . इस बार कई नए कीर्तिमान बनेंगे और कई ध्वस्त होंगे.