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LTTE की 'ब्लैक टाइगर्स' को कॉपी कर जैश बना रहा वुमेन विंग, आतंकी शाहीन ने खोले राज!

दिल्ली कार धमाके से पहले पुलिस शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया था और ऐसे में अब बड़ा खुलासा हुआ है. दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद LTTE की तरह महिला विंग बना रहा है.

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LTTE की 'ब्लैक टाइगर्स' को कॉपी कर जैश बना रहा वुमेन विंग, आतंकी शाहीन ने खोले राज!
Courtesy: @AsiaWarZone (X)

नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले के पास हुए हालिया धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. इस घटना में कई लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए. धमाके से पहले जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर छापेमारी हुई, जहां से करीब 3000 किलो विस्फोटक बरामद किए गए. 

फरीदाबाद में हथियार और विस्फोटकों की जब्ती से 'डॉक्टर गैंग' का पता चला. इसमें डॉ. अदील, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. उमर और डॉ. शाहीन मुख्य नाम हैं. डॉ. उमर ने धमाका किया, जबकि बाकी तीन को पकड़ लिया गया. अब डॉ. शाहीन पर नए-नए खुलासे हो रहे हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद के महिला विंग से जुड़ी हैं.

जैश का नया महिला विंग

जैश-ए-मोहम्मद ने हाल ही में महिलाओं के लिए एक अलग विंग शुरू किया है, जिसका नाम जमात-उल-मोमिनात है. इसकी कमान संगठन के सरगना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर उर्फ सइदा अजहर को सौंपी गई है. 

इस विंग का मकसद महिलाओं को कट्टरपंथी बनाकर आतंकवाद की ट्रेनिंग देना है. जांच में पता चला है कि डॉ. शाहीन इस विंग की सक्रिय सदस्य हैं. वह भारत में ऐसी ही महिला टीम बनाने की योजना बना रही थीं, जो आत्मघाती हमले कर सके.

LTTE की महिला विंग 

जैश का यह विचार कहां से आया? इसके पीछे श्रीलंका का आतंकी संगठन LTTE है. LTTE तमिलों के लिए अलग देश बनाने की लड़ाई लड़ता था और सालों तक हिंसा फैलाता रहा. यह दुनिया का इकलौता आतंकी ग्रुप था, जिसके पास हवाई हमले की ताकत थी. 

LTTE ने महिलाओं के लिए 'बर्ड्स ऑफ फ्रीडम' नाम की विंग बनाई थी. इन महिलाओं को पारंपरिक हमलों के साथ-साथ सुसाइड अटैक की ट्रेनिंग दी जाती थी.

राजीव गांधी की हत्या

1991 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या इसी विंग की सदस्य धनु उर्फ कलैवानी राजरत्नम ने की थी. उसने सुसाइड बेल्ट से खुद को उड़ा लिया और राजीव गांधी मारे गए. इससे पहले भी LTTE की महिलाओं ने कई हमले किए लेकिन यह घटना दुनिया भर में चर्चित हुई.

सुसाइड स्क्वॉड की खासियत

LTTE ने 'ब्लैक टाइगर्स' नाम से सुसाइड यूनिट बनाई, जिसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी थीं. सदस्यता को बहुत सम्मान मिलता था. इनोंने 330 से ज्यादा सुसाइड अटैक किए. पहला अटैक 5 जुलाई 1987 को हुआ, जब कैप्टन मिलर ने विस्फोटकों से भरा ट्रक श्रीलंकाई कैंप में घुसाया और 40 सैनिक मारे. 

1993 में श्रीलंका के राष्ट्रपति राणासिंघे प्रेमदासा की हत्या भी इसी यूनिट ने की. मारे गए आतंकियों का गुणगान किया जाता था, ताकि दूसरे प्रेरित हों. LTTE को आधुनिक सुसाइड अटैक का जनक माना जाता है, जो तरह-तरह के हथियार इस्तेमाल करता था.

जैश की नकल और शाहीन की साजिश

पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप जैश अब LTTE की राह पर चल रहा है. मसूद अजहर ने अपनी बहन को महिला विंग की जिम्मेदारी दी है. डॉ. शाहीन इसी विंग से जुड़ी हैं और भारत में LTTE जैसी महिला टीम बनाकर सुसाइड हमले कराने की फिराक में थीं. जांच एजेंसियां इसे बड़ा खतरा बता रही हैं.