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India Daily

अंकारा में बैठा 'UKasa' डॉ. उमर को दे रहा था कमांड? Session App पर हो रही थी दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग!

दिल्ली ब्लास्ट को जांच एजेंसियां काफी गंभीरता से चेक कर रही हैं. इस मामले में कई तथ्य सामने आएं हैं. इस घटना को तुर्की से भी लिंक किया जा रहा है. हालांकि अंकारा की ओर से इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है.

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Edited By: Shanu Sharma
अंकारा में बैठा 'UKasa' डॉ. उमर को दे रहा था कमांड? Session App पर हो रही थी दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग!
Courtesy: X (@Crypto_Jargon)

दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच की जा रही है. जांच एजेंसियों को धीरे-धीरे इस मामले में कई नए तथ्य मिले हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और खुफिया एजेंसियों द्वारा हमलावर डॉक्टर उमर नबी के पूरे हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है. इस जांच में नबी और एक रहस्यमयी हैंडलर का लिंक निकलकर सामने आए हैं. जिसका नाम 'UKasa' बताया जा रहा है. 

डॉक्टर उमर का हर एक एक्शन कमांड बेस्ड बताया जा रहा है. सूत्रों का मानना है कि 'UKasa' शायद एक कोडनेम हो सकता है. जिसका लोकेशन तुर्की की राजधानी अंकारा बताई जा रही है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने बताया कि आतंकी और हैंडलर्स के बीच संदिग्ध Session App (एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म) के जरिए होती थी. इस ऐप परर हुई बातचीत का पता लगाया जा रहा है. 

डॉ. उमर ने कैसे बनाई पूरी प्लानिंग?

केंद्र सरकार ने इस विस्फोट को आतंकी घटना माना है. इस मामले की जांच काफी गंभीरता से की जा रही है. जांच एजेंसियों के सूत्रों से कई जानकारी सामने आई है. जिसमें यह पता चला है कि मार्च 2022 में हमलावर उमर नबी कई अन्य लोगों के साथ भारत से अंकारा गए थे. इसी दौरान उन लोगों का ब्रेनवॉश कर के उन्हें जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकी  संगठनों का हिस्सा बनाया गया. हालांकि तुर्की ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को मानने से पूरी तरह मना किया है. भारत समेत कई देशों में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के आरोप पर तुर्की के संचार निदेशालय ने आधिकारिक बयान जारी किया है. 

आरोपों पर क्या है तुर्की की प्रतिक्रिया?

तुर्की की ओर से कहा गया कि कुछ विदेशी मीडिया संस्थानों भारत में हुई आतंकी घटनाओं को तुर्की से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. जिसमें यह कहा जा रहा है कि हमले के आरोपियों को तुर्की ने वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता की है. उन्होंने आगे कहा कि हम यह साफ करना चाहते हैं कि ये दावें पूरी तरह से गलत और झूठ है. इन दावों में कोई भी तथ्य नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि इन आरोपों से दिल्ली और अंकारा के रिश्ते भी बिगड़ सकते हैं.

दिल्ली पुलिस इस ब्लास्ट के बाद फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल को पूरी तरह खंगाल रही है. माना जा रहा है कि ये आगे और भी कई धमाके करने वाले थे लेकिन फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक के मिलने के बाद जल्दबाजी में धमाके कर दिया. फॉरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए रिपोर्ट से यह खुलासा हो चुका है कि धमाके के वक्त उमर ही कार को चला रहा था. फरीदाबाद से गिरफ्तार सभी संदिग्धों से पूछाताछ की जा रही है, उम्मीद है कि और भी कई खुलासे हो सकते हैं.