Jaisalmer ISI spy arrest: राजस्थान खुफिया अधिकारियों ने जैसलमेर के एक व्यक्ति को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच हुई है. इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी. संदिग्ध की गतिविधियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
जैसलमेर के मोहनगढ़ निवासी पठान खान को सामरिक रूप से संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की निगरानी के दौरान संदिग्ध पाया गया. राज्य विशेष शाखा (SSB) ने खान की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद उसे गिरफ्तार किया. जयपुर के संयुक्त पूछताछ केंद्र में विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों ने उससे पूछताछ की. अधिकारियों ने बताया कि पठान खान के खिलाफ सरकारी गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
ISI के साथ संबंध
अधिकारियों ने खुलासा किया कि पठान खान 2013 में पाकिस्तान गया था, जहां वह ISI अधिकारियों के संपर्क में आया. एक अधिकारी ने बताया, “उसे पैसे का लालच दिया गया और पाकिस्तान में जासूसी की ट्रेनिंग दी गई. 2013 के बाद भी खान पाकिस्तान जाता रहा. इस दौरान वो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से मिलता रहा और पैसे के लालच में वह लगातार पाकिस्तानी हैंडलरों से मुलाकात करता रहा. खान सोशल मीडिया के ज़रिए जैसलमेर अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशील और गोपनीय जानकारी उनके साथ साझा करता रहा.
जासूसी की गतिविधियां
सूत्रों के मुताबिक, खान ने पैसे के बदले भारतीय सिम कार्ड ISI को उपलब्ध कराए, जिससे जासूसी गतिविधियों को अंजाम दिया गया. उसने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिए सीमा क्षेत्र की गोपनीय जानकारी साझा की. जैसलमेर, जो पाकिस्तान से सटी सीमा पर स्थित है, सैन्य अभ्यास और सेना की आवाजाही के लिए अत्यंत संवेदनशील है.