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India Daily

फ्लाईदुबई कांड के बाद इजरायली राजदूत ने भारत को दी चेतावनी, कहा- इस्लामी आतंकी हमलों की लहर का खतरा

इजरायल के भारत में राजदूत रुवेन अजार ने फ्लाईदुबई घटना के बाद नई आतंकी लहर की आशंका जताई है. उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से तेजी और सतर्कता बढ़ाने की अपील की.  

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
फ्लाईदुबई कांड के बाद इजरायली राजदूत ने भारत को दी चेतावनी, कहा- इस्लामी आतंकी हमलों की लहर का खतरा
Courtesy: X

भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भारत और इजरायल को संभावित नई ‘कट्टरपंथी इस्लामी आतंकी हमलों की लहर’ को लेकर सतर्क किया है. उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन जिस तेजी से अपनी क्षमताएं विकसित कर रहे हैं, उसके मुकाबले सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों को और तेजी से तैयारी करनी होगी.

‘आतंकियों से तेज होना होगा’

एक इंटरव्यू में अजार ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को अगले संभावित हमलों से पहले तैयार रहने के लिए लगातार सतर्क और तेज रहना होगा. उन्होंने दावा किया कि आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों में बदलाव हो रहा है और लोकतांत्रिक देशों को इस खतरे से निपटने के लिए अपनी क्षमताएं मजबूत करनी होंगी. उनकी यह टिप्पणी 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी के दौरान आई है. इसी हमले के बाद गाजा में लंबे समय तक चलने वाला युद्ध शुरू हुआ था.

पाकिस्तान और बांग्लादेश का किया जिक्र

अजार ने आतंकवादी संगठनों के बीच संभावित सहयोग के सवाल पर हमास की गतिविधियों का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि पिछले एक वर्ष के दौरान हमास के कुछ वरिष्ठ कमांडरों को पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखा गया है. उन्होंने नाजी जहीर और खालिद अल-कदूमी जैसे हमास से जुड़े लोगों का नाम लेते हुए दावा किया कि वे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आयोजनों में दिखाई दिए. हालांकि, इन दावों को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि की स्थिति स्पष्ट नहीं है.

पहलगाम हमले से जोड़ा संबंध

इजरायली राजदूत ने 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया. उन्होंने इसे क्षेत्र में हमास के प्रभाव का उदाहरण बताया. उनके मुताबिक, हमास की गतिविधियां और क्षेत्रीय आतंकी संगठनों के बीच संपर्क सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हैं. अजार ने कहा कि लोकतांत्रिक देशों को इस बदलती चुनौती को वास्तविकता मानकर उससे निपटने की तैयारी करनी होगी.

फ्लाईदुबई घटना ने बढ़ाई चिंता

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब फ्लाईदुबई विमान में हुई एक गंभीर घटना की जांच चल रही है. आरोप है कि ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने विमान के कप्तान पर हमला कर कॉकपिट का नियंत्रण लेने और विमान को तेल अवीव की ओर गिराने की कोशिश की. कप्तान स्मित मच्छर, जो भारतीय नागरिक हैं, ने हमले का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया. इसके बाद यात्रियों ने भी कॉकपिट में पहुंचकर सह-पायलट को काबू करने में मदद की.

जांच में कट्टरपंथी विचारों की बात

अजार ने कहा कि जांच अभी यह तय नहीं कर पाई है कि यह घटना किसी अकेले हमलावर की कार्रवाई थी या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था. हालांकि, उन्होंने इसे मौजूदा सुरक्षा खतरे का उदाहरण बताया. उनके अनुसार, आतंकवादी संगठन और ईरानी शासन किसी भी सुरक्षा कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. हालांकि, इजरायल ने इस घटना के लिए आधिकारिक तौर पर ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया है.

इजरायल ने सक्रिय किए थे आपात प्रोटोकॉल

रिपोर्टों के अनुसार, विमान में 174 यात्री सवार थे और संभावित खतरे को देखते हुए इजरायल ने अपने लड़ाकू विमानों को तैयार किया था. बाद में विमान के सऊदी अरब की ओर मुड़ने और आपात लैंडिंग करने के बाद स्थिति बदल गई. अजार ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में इजरायली वायुसेना को अलर्ट किया जाता है और राजनीतिक नेतृत्व को भी जानकारी दी जाती है. विमान को रोकने या न रोकने का अंतिम फैसला संबंधित अधिकारियों और प्रधानमंत्री के स्तर पर लिया जाता है.

भारतीय पायलट और यात्रियों की बहादुरी

अजार ने भारतीय कप्तान स्मित मच्छर और यात्रियों के साहस की सराहना की. हमले के दौरान कप्तान को सिर में गंभीर चोट और खोपड़ी में फ्रैक्चर हुआ था. राजदूत के मुताबिक, पायलट और यात्रियों की कार्रवाई से एक संभावित बड़ी त्रासदी टल गई.