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India Daily

जल्द खत्म होगा IndiGo के उड़ानों का संकट, डीजीसीए के फैसले से यात्रियों के लौटेंगे 'अच्छे दिन'?

डीजीसीए ने इंडिगो क्रू रोस्टर से जुड़े अपने पुराने आदेश को वापस ले लिया है. एयरलाइंस के अनुरोध और परिचालन में आ रही गड़बड़ियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
जल्द खत्म होगा IndiGo के उड़ानों का संकट, डीजीसीए के फैसले से यात्रियों के लौटेंगे 'अच्छे दिन'?
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: इंडिगो से जुड़ा पिछले दो दिनों का संकट अब खत्म होने की ओर है. डीजीसीए ने रोस्टर से संबंधित अपना आदेश वापस ले लिया है, जिसके बाद एयरलाइन संचालन में आने वाली अड़चनों के दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है. राम मोहन नायडू ने इस मामले की जानकारी गृह मंत्री अमित शाह को दी, जिसके बाद डीजीसीए ने तत्काल प्रभाव से अपना पुराना नियम वापस ले लिया.

डीजीसीए द्वारा 20 जनवरी 2025 को जारी एक पत्र में यह प्रावधान शामिल था कि क्रू मेंबर्स को साप्ताहिक आराम के बदले छुट्टी नहीं दी जा सकती. इस नियम को हटाने के लिए कई एयरलाइनों ने डीजीसीए को आवेदन भेजे थे. एयरलाइनों का कहना था कि इस प्रावधान के कारण रोस्टर तैयार करना मुश्किल हो रहा है और उड़ानों पर असर पड़ रहा है. लगातार उड़ान रद्द होने और परिचालन में गड़बड़ी को देखते हुए डीजीसीए ने अपने पुराने निर्देश की समीक्षा की.

डीजीसीए ने क्या बताया?

डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि यह फैसला संचालन की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. नए आदेश में पहले जारी निर्देश के उस पैराग्राफ को पूरी तरह वापस ले लिया गया है जिसमें कहा गया था कि साप्ताहिक आराम के बदले कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी. आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

क्यों हुई ये दिक्कत?

इंडिगो ने मौजूदा व्यवधानों के लिए तकनीकी खामियों, खराब मौसम और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों को जिम्मेदार बताया है. 1 नवंबर से लागू हुए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) नियमों के कारण पायलटों और क्रू की कमी उत्पन्न हो गई है. इन नियमों के तहत उड़ान घंटों की सीमा तय कर दी गई है और लंबे आराम को अनिवार्य किया गया है. इसके चलते एयरलाइन को कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

इंडियन पायलटों का क्या है कहना?

हालांकि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स का कहना है कि इन नए नियमों का प्रभाव अन्य एयरलाइंस पर नजर नहीं आता, इसलिए केवल इन्हें इंडिगो संकट के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता. रिपोर्ट के अनुसार यह सवाल उठ रहा है कि कौन से एविएशन नियम इंडिगो पर अधिक असर डाल रहे हैं और एयरलाइन अपने संकट को इन नियमों के सहारे क्यों सही ठहरा रही है.