मिडल ईस्ट में युद्ध के बीच भारत के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. खाड़ी के जलक्षेत्र में हजारों भारतीय नाविक काम करते हैं. इसी बीच भारतीय तीन नागरिकों की मौत की खबर मिलने के बाद सरकार का कहना है कि वह होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर नजर रख रही है.
भारत ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के बीच अपने नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की. सरकार ने कहा कि वह इस क्षेत्र में भारतीय जहाजों पर बारीकी से नजर रख रही है और देश में ईंधन की आपूर्ति बनाए रख रही है. अधिकारियों ने बताया कि तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक भारतीय नागरिक लापता है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी संकट इस पूरे क्षेत्र में समुद्री मार्गों और विमानन नेटवर्क को प्रभावित कर रहा है.
शिपिंग मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा ने कहा कि सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास चलने वाले भारतीय जहाजों पर लगातार नजर रख रही है. उन्होंने कहा, "आज भारतीय झंडे वाला एक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकल गया है." उन्होंने बताया कि वह जहाज जलडमरूमध्य के पूर्व में स्थित था और उसे इस मार्ग को पार करने की आवश्यकता नहीं थी. उन्होंने कहा, "यह जहाज भारत नहीं आ रहा है। यह अफ्रीका की ओर जा रहा है."
खाड़ी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की व्यापक जानकारी देते हुए सिन्हा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के जलक्षेत्र में भारतीय झंडे वाले कई जहाज और सैकड़ों नाविक अभी भी मौजूद हैं. उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में, फारसी खाड़ी में भारतीय झंडे वाले 24 जहाज मौजूद हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक सवार हैं; यह संख्या कल जितनी ही है."
सिन्हा ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की बड़ी संख्या का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, "पूरे खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक विभिन्न जहाजों पर काम कर रहे हैं, जिनमें मालवाहक जहाज और अपतटीय जहाज शामिल हैं." उन्होंने आगे कहा, “डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग अपनी-अपनी एंगेजमेंट एजेंसियों के ज़रिए उन सभी के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है.”