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कैश-फॉर-क्वेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर लगाया रोक, महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 'कैश-फॉर-क्वेरी' मामले में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी. इसके साथ इस मामले में महुआ मोइत्रा,सीबीआई और निशिकांत दुबे को नोटिस भेजा है.

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Edited By: Shanu Sharma
कैश-फॉर-क्वेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले पर लगाया रोक, महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे को भेजा नोटिस
Courtesy: ANI

'कैश-फॉर-क्वेरी' तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी. हाईकोर्ट के इस आदेश में लोकपाल को महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी देने पर विचार करने को कहा गया था. 

लोकपाल ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. शीर्ष अदालत ने लोकपाल अधिनियम की धारा 20 से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए याचिका पर नोटिस जारी किया. अदालत ने महुआ मोइत्रा, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और शिकायतकर्ता बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे को भी नोटिस भेजा है.

हाई कोर्ट ने क्या कहा था?

हाई कोर्ट के फैसले के पैरा 89 पर रोक लगने से लोकपाल को बड़ी राहत मिली है. अब यह मामला पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हो गया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को लोकपाल के 12 नवंबर 2025 के आदेश को रद्द कर दिया था. उस आदेश में लोकपाल ने सीबीआई को महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति दी थी. हाई कोर्ट ने प्रक्रियागत खामियों का हवाला देते हुए लोकपाल से धारा 20 के तहत फिर से मंजूरी पर विचार करने को कहा था.

कोर्ट ने एक महीने के अंदर फैसला लेने का निर्देश दिया था. यह विवाद अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ. वकील जय अनंत देहाद्राई ने सीबीआई और लोकसभा स्पीकर से शिकायत की. आरोप था कि महुआ मोइत्रा ने एक कारोबारी से पैसे और तोहफों के बदले लोकसभा में सवाल पूछे.

क्या है पूरा मामला?

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. 19 अक्टूबर 2023 को कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने हलफनामा दायर किया. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मोइत्रा के संसदीय लॉगिन का इस्तेमाल कर सवाल पोस्ट किए. लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने जांच की. मोइत्रा कमेटी के सामने पेश हुईं, लेकिन सवालों पर आपत्ति जताकर बाहर चली गईं.

लोकसभा ने दिसंबर 2023 में उन्हें निष्कासित कर दिया. मार्च 2024 में सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की. जून 2024 में महुआ मोइत्रा ने कृष्णानगर सीट से चुनाव जीता और संसद में वापसी की. जुलाई 2025 में सीबीआई ने लोकपाल को जांच रिपोर्ट सौंपी. नवंबर 2025 में लोकपाल ने चार्जशीट की मंजूरी दी, जिसे हाई कोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया.