भारत के रहने वाले एक युवक को देर राज पिज्जा डिलीवरी करने के दौरान अमेरिका के फिलाडेल्फिया गोली मार दी गई. मृतक की पहचान अंशुल कुंचा के रूप में हुई है जो हैदराबाद के रहने वाले थे. अंशुल फिलाडेल्फिया में पिज्जा डिलीवरी का काम करता था और हमला होने से पहले उसने एक ऑर्डर की डिलीवरी की थी. उसके परिजनों ने कहा कि हमले के दौरान उसको कई गोली मारी गईं. अंशुल पर हमला करने वालों की संख्या कितनी थी, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, अमेरिकी अधिकारी अभी इस मामले की जांच कर रहे हैं.
न्यूयॉर्क में भारत के वाणिज्य दूतावास ने अंशुल की मौत की पुष्टि की है. उसने कहा कि वह शोक संतप्त परिवार के संपर्क में हैं. राजनयिक मिशन ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'अंशुल कुंचा की असामयिक मौत से हम बेहद दुखी हैं. इस दुख की घड़ी में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं. दूतावास अंशुल के परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है.'
मृतक की बहन ने कहा कि वह कभी भी अमेरिका नहीं आना चाहता था लेकिन परिवार ने फिर भी उसे अमेरिका भेज दिया. उसे कथित तौर पर एक खाली पड़े घर में पिज्जा डिलीवर करने के लिए बुलाया गया था जहां उस पर हमला किया गया और उसे गोली मार दी गई.
अंशुल की बहन ने विदेश मंत्रालय से न्याय की गुहार लगाई है और अपने मृत भाई के पार्थिव शरीर को वापस भारत लाने की मांग की है. उन्होंने उन माता-पिता के लिए भी एक संदेश लिखा है जो अपने बच्चों को पढ़ाने और करियर बनाने के लिए अमेरिका भेजना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, 'वह अमेरिका नहीं जाना चाहता था लेकिन हमने उसे भेज दिया और अब देखिए उसका कैसा अंत हुआ. यह उन अभिभावकों को संदेश है जो अपने बच्चों को अमेरिका भेजना चाहते हैं. अपने बच्चों को अमेरिका मत भेजिए.' रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुंचा अतिरिक्त आय के लिए वीकेंड्स पर पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय का काम करता था.
फिलाडेल्फिया हाउसिंग अथॉरिटी द्वाराज जारी किए गए सीसीटीवी फुटेज में पीड़ित पिज्जा ले जाते हुए दिखाई दे रहा है. जैसे ही वह घर के अंदर घुसता है गहरे रंग के कपड़े पहने और बैग लिए दो लड़के उसके पीछे-पीछे गए. अंशुल की बहन ने कहा कि मुझे नहीं पता कि उन्हें मेरे भाई को मारकर क्या मिला, उनका क्या इरादा था लेकिन मेरे परिवार को बताया गया कि उसके सिर में तीन गोलियां मारी गई और फिर उसे सड़क पर छोड़ दिया गया.