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बंगाल में बढ़ा सियासी बवाल, अभिषेक बनर्जी के बाद अब मदन मित्रा की कार पर अंडों और ईंटों से हमला

पश्चिम बंगाल के कमरहाटी में TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर अंडे और ईंटें फेंके जाने का मामला सामने आया है. हाल के दिनों में TMC नेताओं के खिलाफ विरोध और हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. चलिए जानते हैं पूरा मामला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बंगाल में बढ़ा सियासी बवाल, अभिषेक बनर्जी के बाद अब मदन मित्रा की कार पर अंडों और ईंटों से हमला
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस  के नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. इसी क्रम में शनिवार को कमरहाटी से TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर अंडे और ईंटें फेंके जाने का मामला सामने आया है.

जानकारी के अनुसार मदन मित्रा अपने विधायक कार्यालय में बैठक कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि वार्ड नंबर 14 के एक पार्षद पर कुछ लोगों ने हमला किया है और स्थानीय निवासियों को डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है. सूचना मिलने के बाद वह तुरंत संबंधित इलाके में पहुंचे और प्रभावित लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लेने लगे.

मदन मित्रा ने क्या बताया?

मदन मित्रा ने बताया कि वह हमले से प्रभावित घरों की जानकारी जुटा रहे थे, तभी कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें चेतावनी दी कि 100 से 150 युवाओं का एक समूह इलाके में घूम रहा है. आरोप है कि इन लोगों ने केसरिया स्कार्फ पहन रखे थे और जय श्री राम के नारे लगा रहे थे. बताया गया कि समूह के कुछ सदस्य उस स्थान के आसपास भी घूम रहे थे जहां मदन मित्रा मौजूद थे.

इसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. आरोप है कि उपद्रवियों के एक समूह ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए अंडे और ईंटें फेंकीं. राहत की बात यह रही कि घटना के समय मदन मित्रा कार के अंदर मौजूद नहीं थे. हालांकि आरोप है कि कार आगे बढ़ने के बाद उनके ड्राइवर के साथ मारपीट की गई. घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया. पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है.

इससे पहले की क्या है घटना?

हाल के दिनों में TMC नेताओं के खिलाफ विरोध की कई घटनाएं सामने आई हैं. कुछ दिनों पहले अभिषेक बनर्जी को विरोध प्रदर्शन के दौरान काले झंडे दिखाए गए थे और उन पर अंडे फेंके गए थे. सुरक्षा कर्मियों को उन्हें भीड़ से सुरक्षित निकालना पड़ा था. इसी तरह जयप्रकाश मजूमदार को भी विरोध का सामना करना पड़ा था और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई थी.