चक्रवात दितवा से तबाह हुए श्रीलंका में भारत ने एक बार फिर मानवीय सहयोग की मिसाल पेश की है. सोमवार को आईएनएस विक्रांत से तैनात चेतक हेलीकॉप्टरों ने कई राहत sorties उड़ाकर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला. वहीं भारतीय वायुसेना का C-130J विमान राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा. अब तक भारत 27 टन से अधिक सामान और विशेषज्ञ टीमें भेज चुका है. पूरे अभियान में पड़ोसी-पहले की नीति और भारत-श्रीलंका सहयोग की मजबूत साझेदारी साफ दिखाई देती है.
सोमवार को भारतीय नौसेना के चेतेक हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंका के बाढ़ग्रस्त इलाकों में कई उड़ानें भरकर लोगों को बचाया. हाई कमीशन द्वारा जारी वीडियो में दिखा कि कैसे बाढ़ के बीच फंसे लोग रस्सियों और inflatable राफ्ट की मदद से ऊपर खींचे गए.
Under #OperationSagarBandhu, Chetak helicopters from @IN_R11Vikrant carried out Search and Rescue sorties in 🇱🇰 today, supporting people affected by #CycloneDitwah.
🇮🇳 stands firmly with 🇱🇰 in this difficult time, working together to save lives and extend timely relief.… pic.twitter.com/E1FyKk9QGC— India in Sri Lanka (@IndiainSL) November 29, 2025Also Read
एक अन्य वीडियो में एक चार सदस्यीय परिवार को छत पर फंसा देखा गया, जिसे चेतेक हेलीकॉप्टर ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सुरक्षित एयरलिफ्ट किया. परिवार को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया.
A family of four stranded on a rooftop was rescued by a Chetak helicopter from @IN_R11Vikrant on 29 November 2025. They were safely airlifted and brought to a secure location. #OperationSagarBandhu continues as 🇮🇳 stands with the people of 🇱🇰.@MEAIndia @IndianDiplomacy… pic.twitter.com/AMLCqzbSIW
— India in Sri Lanka (@IndiainSL) November 30, 2025
सोमवार सुबह 10 बजे भारतीय वायुसेना का C-130J विमान कोलंबो उतरा, जिसमें आवश्यक राहत सामग्री थी. इस विमान से आगे भारतीय नागरिकों को भी निकाले जाने की योजना है, क्योंकि हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि एनडीआरएफ टीमें श्रीलंका की एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्य कर रही हैं. भारत अब तक 27 टन राहत सामग्री भेज चुका है, जिसमें सैन्य एयरलिफ्ट से भेजे गए उपकरण और 80 से अधिक एनडीआरएफ कर्मी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित परिवारों की सुरक्षित रिकवरी की कामना की. उन्होंने आश्वस्त किया कि पड़ोसी-पहले की नीति और Vision MAHASAGAR के तहत भारत हर संभव सहायता जारी रखेगा. श्रीलंका के अनुसार अब तक 193 लोगों की मौत हो चुकी है और 228 लापता हैं, जबकि 9.68 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.