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India Daily

एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी को लेकर रिपोर्टों को भारत ने पूरी तरह नकारा, विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पीएम मोदी का नाम सिर्फ 2017 में इजराइल दौरे के संदर्भ में आया है, बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बकवास हैं जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
एपस्टीन फाइल्स में पीएम मोदी को लेकर रिपोर्टों को भारत ने पूरी तरह नकारा, विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर क्या कहा?
Courtesy: pinterest

भारत सरकार ने अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी जेफरी एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम आने पर तेजी से सफाई दी है. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि पीएम मोदी का नाम सिर्फ 2017 में इजराइल दौरे के संदर्भ में आया है, बाकी बातें एक दोषी अपराधी की बकवास हैं जिन्हें पूरी तरह नजरअंदाज करना चाहिए. ये फाइलें हाल ही में जारी की गईं, जिनमें 30 लाख से ज्यादा पेज दस्तावेज, 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल हैं. 

अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने कहा कि यह ट्रंप प्रशासन के तहत एपस्टीन से जुड़े सभी फाइलों को सार्वजनिक करने की आखिरी कड़ी है. इसका मकसद एपस्टीन के अपराधों से जुड़ी जांच में पारदर्शिता लाना है.

'सब बातें बकवास'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने बयान में कहा, "हमने एपस्टीन फाइल्स में एक ईमेल का जिक्र देखा जिसमें प्रधानमंत्री और उनके इजराइल दौरे का उल्लेख है. प्रधानमंत्री का जुलाई 2017 में इजराइल का आधिकारिक दौरा सच है, लेकिन ईमेल में बाकी जो बातें कही गई हैं, वे एक दोषी अपराधी की घटिया कल्पनाएं हैं. इन्हें पूरी तिरस्कार के साथ खारिज किया जाना चाहिए."

'दौरे से कोई गलत बात साबित नहीं होती'

बता दें कि पीएम मोदी का इजराइल दौरा 2017 में हुआ था, जो भारत के किसी प्रधानमंत्री का पहला आधिकारिक दौरा था. 1992 में दोनों देशों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध बने थे.  सरकार ने साफ किया कि ईमेल में पीएम मोदी या उनके दौरे से जुड़ी कोई गलत बात साबित नहीं होती. यह सिर्फ एक ईमेल है जो एपस्टीन या उसके साथियों ने लिखा था, इसमें कोई सबूत नहीं है.

कौन था एपस्टीन

बता दें कि एपस्टीन एक अमीर व्यक्ति था जो सेक्स ट्रैफिकिंग और नाबालिगों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में दोषी ठहराया गया था. उसकी मौत 2019 में जेल में हो गई थी. कानून के तहत अमेरिकी सरकार एपस्टीन से जुड़ी सभी फाइलों को सार्वजनिक कर रही है. अमेरिकी कानून के तहत इन फाइलों को सार्वजनिक करना अनिवार्य किया किया गया है फाइलों में कई बड़े नामों का जिक्र है, लेकिन भारत सरकार ने कहा कि पीएम मोदी का नाम सिर्फ दौरे के संदर्भ में है, कोई गड़बड़ी नहीं.

कांग्रेस ने दागे सवाल

वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह राष्ट्रीय शर्म की बात है और पीएम को सफाई देनी चाहिए लेकिन सरकार ने इसे बेबुनियाद बताया है. यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन सरकार ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया है. लोग अब इन फाइलों की पूरी जांच और सच्चाई जानने की उम्मीद कर रहे हैं