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India Daily

भारत ने दिखाई मानवीय एकजुटता, श्रीलंका की मदद के लिए पाकिस्तान को अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल की दी अनुमति

चक्रवात दित्वा से बुरी तरह तबाह हुए श्रीलंका के लिए पाकिस्तान की मानवीय सहायता उड़ान को भारत ने अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की मंजूरी दे दी.

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Edited By: Reepu Kumari
भारत ने दिखाई मानवीय एकजुटता, श्रीलंका की मदद के लिए पाकिस्तान को अपने एयर स्पेस के इस्तेमाल की दी अनुमति
Courtesy: GROK

नई दिल्ली: श्रीलंका इन दिनों चक्रवात दित्वा की विनाशकारी मार झेल रहा है, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत और भारी तबाही दर्ज की गई है. हालात गंभीर होने पर देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है.समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार,  ऐसे संकट में भारत सहित कई क्षेत्रीय देश मदद के लिए आगे आए हैं. पाकिस्तान द्वारा भेजी गई राहत उड़ान को भारत ने तुरंत हरी झंडी देते हुए अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग की अनुमति दे दी, जिससे राहत अभियान में तेजी आई.

पाकिस्तानी मीडिया के कुछ हिस्सों में यह दावा किया जा रहा था कि नई दिल्ली ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि अनुरोध पर कुछ ही घंटों में कार्रवाई की गई क्योंकि इसमें तत्काल राहत अभियान शामिल था.

ऑनलाइन दावों को खारिज

स्पष्टीकरण में उन ऑनलाइन दावों को खारिज कर दिया गया कि भारत ने हवाई क्षेत्र में प्रवेश देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नई दिल्ली ने कहा कि वास्तव में मिशन की तात्कालिक प्रकृति को देखते हुए उसने शीघ्रता से कार्रवाई की थी.

चार घंटे बाद मिली थी मंजूरी

भारतीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने 1 दिसंबर को दोपहर लगभग 1:00 बजे (भारतीय समयानुसार) भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान भरने की उसी दिन अनुमति के लिए औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत किया. चार घंटे बाद मंजूरी जारी कर दी गई.

श्रीलंका की मदद के लिए फैसला 

अधिकारियों ने कहा, 'पाकिस्तान ने आज लगभग 1300 बजे (आईएसटी) हमें आधिकारिक अनुरोध प्रस्तुत किया, जिसमें उसी दिन यानी 1 दिसंबर 2025 को भारतीय वायु क्षेत्र से उड़ान भरने की अनुमति मांगी गई. यह देखते हुए कि अनुरोध श्रीलंका को मानवीय सहायता से संबंधित था, भारत सरकार ने शीघ्रता से अनुरोध को मंजूरी दे दी और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आज 1730 बजे (आईएसटी) पाकिस्तान सरकार को सूचित किया. इसे 4 घंटे की सबसे कम नोटिस अवधि में संसाधित किया गया.'

चक्रवात दित्वा का असर

श्रीलंका चक्रवात दित्वा के बाद से भारी तबाही का सामना कर रहा है. इस चक्रवात ने श्रीलंका में 200 से ज़्यादा लोगों की जान ले ली है और कई लोग विस्थापित हो गए हैं. देश ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है.

आपदा की व्यापकता के कारण कोलंबो सरकार को क्षेत्रीय साझेदारों से व्यापक सहयोग प्राप्त करने के लिए बाध्य होना पड़ा है, तथा भारत नौसेना, वायु और आपदा-प्रतिक्रिया संसाधनों की बड़ी तैनाती के तहत राहत प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है.

पीएम मोदी ने ओपी सागर बंधु के तहत समर्थन की पेशकश की

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से टेलीफोन पर बातचीत की और चक्रवात के कारण हुई "जानमाल की हानि और व्यापक तबाही" पर संवेदना व्यक्त की तथा ऑपरेशन सागर बंधु के तहत आगे भी सहायता देने का वादा किया.

उन्होंने कहा कि भारत 'इस मुश्किल घड़ी में श्रीलंका के लोगों के साथ पूरी एकजुटता और समर्थन में खड़ा है'. राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत द्वारा बचाव दल, नौसैनिक सहायता और आपातकालीन आपूर्ति की तैनाती के लिए "गहरी कृतज्ञता" व्यक्त की और कहा कि इस प्रतिक्रिया की पूरे देश में सराहना हुई है.

अपने विजन महासागर से प्रेरित होकर भारत ने कहा कि वह इस क्षेत्र में 'प्रथम प्रतिक्रियादाता' बना रहेगा तथा आने वाले दिनों में श्रीलंका को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करता रहेगा.