भारत मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब सुस्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है.
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में उत्तर ओडिशा और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ने की संभावना जताई है. इसी प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों सहित देश के कई राज्यों में अगले सात दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित 17 राज्यों में हल्की से लेकर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई स्थानों पर 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. गरज चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
राष्ट्रीय राजधानी में 17 जुलाई को बादल छाए रहने के साथ अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 18 जुलाई से मौसम करवट लेगा और गरज चमक के साथ बारिश शुरू होने की संभावना है. 19 और 20 जुलाई को भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है.
उत्तर प्रदेश में 17 जुलाई से पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. 19 से 22 जुलाई के बीच कई जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और आसपास के जिलों में गरज चमक और बिजली गिरने का भी खतरा रहेगा.
बिहार में 17 से 22 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. बांका, पश्चिमी चंपारण, पटना, नालंदा, गया, रोहतास और औरंगाबाद सहित कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. झारखंड में भी 17 से 22 जुलाई तक व्यापक वर्षा के साथ कई इलाकों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 22 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.