महाराष्ट्र में हाल ही में 'माझी लाडली बहना योजना' शुरू की गई है. चुनावी साल में शुरू की गई इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाने हैं. हाल ही में निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कुछ ऐसा कह दिया जो अब चर्चा का विषय बन गया है. लाडली बहना योजना का सर्टिफिकेट बांटने पहुंचे रवि राणा ने कि बहनो, आशीर्वाद देना और अगर आशीर्वाद नहीं दिया तो ये 1500 रुपये वापस भी ले लूंगा. रवि राणा वैसे तो निर्दलीय विधायक हैं लेकिन वह सत्ता के साथ हैं. उनकी पत्नी और पूर्व सांसद नवनीत राणा इस बार के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव भी लड़ी थीं लेकिन उन्हें जीत नहीं हासिल हुई थी.
रवि राणा के इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक, अमरावती में आयोजित एक कार्यक्रम में सोमवार को लाडली बहना योजना के सर्टिफिकेट बांटे गए. इस दौरान महिलाओं को साड़ी भी बांटी गई. इसको लेकर रवि राणा ने कई सारे पोस्ट किए हैं जिसमें महिलाओं ने उन्हें धन्यवाद कहा है. हालांकि, इसी कार्यक्रम में कही गई रवि राणा की बाच अब चर्चा का विषय बन गई है और इसको लेकर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं.
महिलाओं को संबोधित करते हुए रवि राणा ने कहा, 'जब महायुति सरकार सत्ता में वापस आएगी तो लाडली बहना योजना की 1500 रुपये की राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये महीने कर दिया जाएगा लेकिन ध्यान रखना अगर आपने हमें आशीर्वाद नहीं दिया तो ये 1500 रुपये वापस भी ले लूंगा. अगर सरकार आपको ये सब दे रही है तो आपको भी उसका समर्थन करना चाहिए.' इस पर कांग्रेस नेता भूषण पाटिल ने ट्वीट करके लिखा है, 'ऐसा लगता है कि रक्षाबंधन के पवित्र मौके पर महायुति सरकार की वोट लूटने की योजना की पोल खुल गई है. विधायक रवि राणा का कहना है कि अगर महिलाओं ने आशीर्वाद नहीं दिया तो लाडली बहना योजना के 1500 रुपये वापस ले लिए जाएंगे.'
बता दें कि रवि राणा महाराष्ट्र की वाडेनारा विधानसभा सीट से तीन बार के निर्दलीय विधायक हैं. हालांकि, मौजूदा महायुति की सरकार को उनका समर्थन प्राप्त है. उनकी पत्नी नवनीत राणा 2019 में निर्दलीय सांसद बनी थीं लेकिन इस बार उन्होंने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गईं. रवि राणा ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है जब चुनाव से ठीक पहले इस योजना को शुरू करके सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस जोर-शोर से इसका प्रचार कर रहे हैं.