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भलस्वा डेयरी इलाके में MCD का बुलडोजर, सड़कों पर हजारों लोग, क्या है भड़कने की वजह?

दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में हाईकोर्ट के फैसले के बाद अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचे एमसीडी बुलडोजरों को लोगों ने घेर लिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. मौके पर मौजूद एक शख्स ने एमसीडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा, 'हम मर जाएंगे लेकिन इस जगह को नहीं छोड़ेंगे'. यहां भीड़ की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है.

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भलस्वा डेयरी इलाके में MCD का बुलडोजर, सड़कों पर हजारों लोग, क्या है भड़कने की वजह?
Courtesy: Social Media

राजधानी दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में अवैध निर्माण को गिराने पहुंचे दिल्ली नगर निगम के बुलडोजर के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. इस दौरान लोगों ने नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक्शन का विरोध किया. वहां भीड़ की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है

दिल्ली हाईकोर्ट के बाद अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचे एमसीडी बुलडोजरों को लोगों ने घेर लिया और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया. मौके पर मौजूद एक शख्स ने एमसीडी की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि अगर एमसीडी को इन सभी घरों को तोड़ना था तो उसे समय तोड़ती जब इन घरों का निर्माण किया जा रहा था. उस वक्त प्रशासन कहां गया था, यहां से प्रशासन वाले एक-एक लेंटर के एक लाख दो लाख रुपये लेकर जाते हैं, तोड़ना है तो पहले उनका घर तोड़े, उन्होंने पहले हमसे यहां घर बनाने का पैसा लिया. उस वक्त ये पुलिस, एमसीडी प्रशासन कहां गया था. आज ये कुछ भ्रष्ट एनजीओ की वजह हमारे घरों तोड़ने आए हैं. हम यहां तब से है जब यहां जंगल हुआ करता था.

 MCD के बुलडोजर को लोगों ने घेरा

वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि 80 प्रतिशत लोग यहां हाउस टैक्स देते हैं और ये दूसरी तरफ हमको परेशान कर रहे हैं. हम मर जाएंगे लेकिन इस जगह को नहीं छोड़ेंगे. MCD ने एक पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से तीन के अंदर इलाके को खाली करने का अल्टीमेटम दिया था. नोटिस में एमसीडी ने कहा था कि आदेश का अनुपालन नहीं करने पर जबरन हटाया जाएगा और कार्रवाई का पैसा भी प्लाट मालिक से ही लिया जाएगा.

 

 क्या है भड़कने की वजह?

बता दें कि इससे पहले सिविल लाइंस इलाके के निगम उपायुक्त ने भलस्वा डेयरी कालोनी में रहने वाले लोगों को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद एक पब्लिक नोटिस जारी कर इलाके को खाली करने का निर्देश दिया था और कहा था कि आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले लोगों को यहां से जबरन हटाया जाएगा. लोगों के मुताबिक यहां कोई भी सर्वे नहीं हुआ है. विभागीय टीम द्वारा दौरा तक नहीं किया गया और सीधे नोटिस उनके घर पर चस्पा कर दिया गया लेकिन लोग अब घर खाली करने को तैयार नहीं हैं.

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