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India Daily

किराना हिल्स पर हमले की झलक? गणतंत्र दिवस के राफेल और मिसाइलों के साथ IAF वीडियो ने फिर छेड़ी बड़ी बहस

गणतंत्र दिवस पर जारी IAF वीडियो में पाकिस्तान के किराना हिल्स दिखने से नई बहस छिड़ गई है. हालांकि वायुसेना ने दोहराया कि ऑपरेशन सिंदूर में उस परमाणु स्थल को निशाना नहीं बनाया गया था.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
किराना हिल्स पर हमले की झलक? गणतंत्र दिवस के राफेल और मिसाइलों के साथ IAF वीडियो ने फिर छेड़ी बड़ी बहस
Courtesy: social media

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के गणतंत्र दिवस वीडियो ने एक बार फिर रणनीतिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. वीडियो में पाकिस्तान के सरगोधा स्थित किराना हिल्स क्षेत्र में विस्फोट जैसे दृश्य दिखाए गए, जिसके बाद यह सवाल फिर उठ खड़ा हुआ कि क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इस संवेदनशील परमाणु ठिकाने पर हमला किया था. वायुसेना ने हालांकि अपने पुराने आधिकारिक रुख को दोहराते हुए इन अटकलों को खारिज किया है.

वीडियो से क्यों बढ़ी हलचल

IAF के आर-डे वीडियो में किराना हिल्स क्षेत्र को निशाना बनते हुए दिखाया गया, जिसके साथ राफेल, सुखोई, जगुआर और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों की फुटेज दिखाई गई. वीडियो में 'The Enforcers of Peace' जैसे शब्दों ने इस दृश्य को और प्रभावशाली बना दिया. यही वजह रही कि पिछले साल उठे सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए.

वायुसेना का आधिकारिक रुख

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर मार्शल ए.के. भारती ने स्पष्ट कहा था कि भारत ने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया. गणतंत्र दिवस वीडियो को लेकर पूछे गए सवाल पर भी वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर जयदीप सिंह ने कहा कि IAF अपने आधिकारिक बयान पर कायम है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.

ऑपरेशन सिंदूर की झलक

वीडियो में किराना हिल्स के अलावा नूर खान एयरबेस और पाकिस्तान के अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने के दृश्य भी दिखाए गए. पृष्ठभूमि में 'महिषासुर मर्दिनी' की धुन के साथ सिंदूर फॉर्मेशन में उड़ते लड़ाकू विमानों ने ऑपरेशन सिंदूर की ताकत और संदेश को और स्पष्ट किया.

हथियारों की ताकत का प्रदर्शन

इस वीडियो में IAF की आधुनिक मिसाइल क्षमता भी खुलकर सामने आई. राफेल पर लगे मेटियोर मिसाइल, सुखोई पर तैनात स्वदेशी अस्त्र और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, जगुआर पर ASRAAM और राफेल पर हैमर व रैम्पेज मिसाइलें दिखाई गईं. इससे उन दावों को भी जवाब मिला, जिनमें मेटियोर मिसाइल की तैनाती पर सवाल उठाए गए थे.

किराना हिल्स पर पुरानी अटकलें

पिछले साल संघर्ष के बाद सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर भी चर्चा हुई थी, जिनमें किराना हिल्स क्षेत्र में मिसाइल हमले के संकेत बताए गए थे. हालांकि भारत सरकार और वायुसेना ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की. आर-डे वीडियो ने इन अटकलों को फिर हवा दी है, लेकिन आधिकारिक बयान अब भी वही है- किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया गया.