गंदी यमुना को साफ-स्वच्छ कर इसे फिर से 'जीवन' देने वाली 'यमुना पुनर्जीवीकरण' परियोजना के तहत कितना काम हुआ है कितना नहीं. इसके लिए सोमवार को हुई रिव्यू मीटिंग में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यमुना को साफ करने वाले मिशन के लिए केवल संतोषजनक कार्य से काम नहीं चलेगा, बल्कि इसके लिए सटीक रिजल्ट भी आने चाहिए. ताकि यमुना को साफ करने का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.
इसके लिए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों समेत केंद्र और राज्य सरकार के जो-जो भी मंत्रालय और विभाग शामिल हैं. इन सभी के साथ 'यमुना पुनर्जीवीकरण' परियोजना में हर 20 दिन में कितना कार्य किया गया है. इसका रिव्यू किया जाएगा. ताकि यमुना को साफ करने के लक्ष्य को जल्द से जल्द और लगन के साथ कार्य करके पूरा किया जा सके.
#WATCH | Delhi | Union Home Minister Amit Shah chaired a review meeting in Delhi regarding the rejuvenation of the Yamuna. Union Minister for Housing and Urban Affairs Manohar Lal, Union Minister for Jal Shakti C.R. Patil, Delhi Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu, Chief… pic.twitter.com/fO66dBQXOh
— ANI (@ANI) June 8, 2026
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के तहत सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों से संबंधित केंद्रीय और राज्य मंत्री भी शामिल हुए थे. इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित हुईं. रिव्यू मीटिंग में बताया गया कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP बन चुके हैं. जबकि साल 2027 के अंत तक 99 नए STP और बनाए जाएंगे.
गृहमंत्री शाह ने कहा कि संबंधित सरकार और अधिकारी तमाम STP, औद्योगिक वेस्ट और सभी नालों से निकल रहे डिस्चार्ज को अच्छे से मॉनिटर करें. औद्योगिक CETP या डेयरी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट्स. इन सभी का निर्माण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही किया जाना चाहिए.
उन्होंने यह भी कहा कि यमुना में पड़ने वाले सभी नालों और जल स्रोतों में शुद्धिकरण के लिए जरूरी BOD, COD और TSS जैसे विभिन्न पैमानों की निरंतर निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए. इनमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
अगर कहीं किसी में कोई कमी लग रही है तो उसे समय रहते दुरूस्त करना चाहिए. यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के लिए जरूरी है कि सभी प्रोजेक्ट के लिए किए जा रहे कार्यों की डिटेल और उन्हें संपन्न करने की डेडलाइन भी तय होनी चाहिए. ताकि तय समय पर कार्य पूरा किया जा सके.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि साफ और स्वच्छ यमुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है और हम सभी को मिलकर इसे जल्दी ही पूरा करना है. इसके लिए जरूरी है कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारें और सभी संबंधित मंत्रालय यमुना को साफ-स्वच्छ करने के कार्य को अलग-अलग टुकड़ों में नहीं बल्कि टीम भावना का परिचय देते हुए मिलकर काम करें. हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तीनों राज्य मिलकर यमुना नदी में मानक इको-फ्लो सुनिश्चित करें.
मीटिंग में कहा गया कि दिल्ली की डेयरियों के वेस्ट को यमुना में जाने से रोकने के लिए MCD और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच एक MoU साइन होगा. ताकि डेयरियों से निकलने वाले गोबर को गैस और खाद में तब्दील किया जा सके. NDDB मॉडल के तहत डेयरी और गौशालाओं का गोबर सीधे गैस और खाद प्लांट तक पहुंचेगा.
यमुना किनारे के कचरे का साइंटिफिक समाधान किया जाएगा. मीटिंग में बताया गया कि यमुना नदी में गिरने वाले नालों की डी-सिल्टिंग का काम तेजी से किया जा रहा है. इस साल गाद निकालने के टारगेट रखे गए 28.57 लाख MT में से अब तक 97 गाद निकाली जा चुकी है. बाकी का कार्य 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा. ताकि बारिश में यह गाद बहकर वापस यमुना में ना जा पाए.