लखनऊ: राजस्थान से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी शहरोज से जुड़े मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. शुरुआती जांच के बाद अब उसके मोबाइल फोन से रिकवर किए गए डाटा ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है. मोबाइल से मिले पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर और अन्य डिजिटल सामग्री के आधार पर एटीएस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के अगले चरण में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं.
एटीएस ने गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में डाटा रिकवर किया है. जांच में कुछ ऐसे नंबर मिले हैं, जिनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों का इस्तेमाल कौन कर रहा था और उनका आरोपी से किस तरह का संपर्क था. बरामद डिजिटल सामग्री की तकनीकी जांच भी जारी है.
बलरामपुर निवासी शहरोज को 19 जुलाई को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था. एटीएस के अनुसार वह पाकिस्तान से जुड़े गैंग्स्टर शहजाद भट्टी के इशारे पर कथित तौर पर आईएसआई के लिए काम कर रहा था. जांच एजेंसी का दावा है कि वह हथियार और विस्फोटक सामग्री लेने राजस्थान पहुंचा था, लेकिन उससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया. गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
जांच में सामने आया कि आरोपी मुंबई में कपड़ों पर कढ़ाई का काम करता था. इसी दौरान वह इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में आया. एटीएस के अनुसार इसके बाद उसका परिचय कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स से कराया गया. एजेंसी इन ऑनलाइन संपर्कों की भी विस्तार से पड़ताल कर रही है.
एटीएस का आरोप है कि आरोपी को भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए स्लीपर सेल तैयार करने का जिम्मा दिया गया था. फिलहाल एजेंसी इस दावे से जुड़े सभी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है. जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और उसका नेटवर्क कितना व्यापक था.
मोबाइल से मिले डाटा के आधार पर एटीएस को आरोपी के कुछ करीबियों की भी जानकारी मिली है. अधिकारियों की योजना बुधवार को शहरोज से दोबारा पूछताछ करने की है, ताकि बरामद नंबरों, वीडियो और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के बारे में अधिक जानकारी मिल सके. पूछताछ में यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है. एजेंसी फिलहाल पूरे मामले की हर कड़ी की विस्तार से जांच कर रही है.