menu-icon
India Daily

'हिंदू धर्म एक धोखा... मोहन भागवत और PM मोदी कह चुके....', सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के फिर बिगड़े बोल

अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से अपने बयानों के जरिए सियासी तपिश की ताप को बढ़ा दिया है.

Avinash Kumar Singh
'हिंदू धर्म एक धोखा... मोहन भागवत और PM मोदी कह चुके....', सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के फिर बिगड़े बोल

हाइलाइट्स

  • सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के फिर बिगड़े बोल
  • हिंदू धर्म को बताया एक धोखा

नई दिल्ली: अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से अपने बयानों के जरिए सियासी तपिश की ताप को बढ़ा दिया है. यह पहला मौका नहीं है जब मौर्य ने हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को लेकर विवादित बयान दिया हो. इसके पहले भी कई मौकों पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऐसा बयान देकर चर्चाओं में रह चुके है. सपा के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर हिंदू धर्म पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में हैं. 

'हिंदू धर्म एक धोखा... मोहन भागवत और PM मोदी कह चुके....'

स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीते सोमवार को जंतर-मंतर पर बहुजन समाज अधिकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिंदू धर्म को धोखा बताया. मौर्य ने बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा "हिंदू एक धोखा है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत दो बार कह चुके हैं कि हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है, बल्कि यह जीने का एक तरीका है. प्रधानमंत्री मोदी भी कह चुके हैं कि हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है. जब ये लोग ऐसे बयान देते हैं तो भावनाएं आहत नहीं होतीं लेकिन अगर स्वामी प्रसाद मौर्य यही कहते हैं तो अशांति फैलती है.''

विवादित बयान से स्वामी प्रसाद मौर्य का पुराना नाता

बीते दिनों सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे को लेकर विवादित बयान दिया था. स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बद्रीनाथ 8वीं सदी तक बौद्ध धर्मस्थल था और बौद्ध धार्मिक स्थल खत्म करके बद्रीनाथ मंदिर बनाया गया है. जिसके बाद सियासत शुरू हो गयी थी. वहीं उनका दूसरा विवादित बयान यह था कि रामचरितमानस के कुछ श्लोक जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करते हैं. इन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए. उनके इस बयान के बाद सियासी कोहराम खड़ा हो गया था. 

सपा नेताओं ने स्वामी प्रसाद के मौर्य के बयान पर जताया ऐतराज 

बीते दिनों लखनऊ में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर कन्नौज के प्रबुद्ध समाज और महाब्राह्मण समाज पंचायत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने सलाह दी कि नेताओं को धर्म और जाति पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए. पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बिना नाम लिए स्वामी मौर्य के बयान पर आपत्ति जताई थी. पंचायत में जब यह मामला उठा तो अखिलेश ने इस बात पर सहमति जताई कि इस चीज पर हर हाल में लगाम लगनी चाहिए. इससे पहले भी पार्टी के कई ब्राह्मण नेताओं ने स्वामी मौर्य के बयानों को लेकर अखिलेश से शिकायत की थी.