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'कांग्रेस और टूलकिट गैंग ने आर्थिक अराजकता, अस्थिरता की साजिश रची', हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर क्या बोले रविशंकर?

Ravi Shankar Prasad On Hindenburg Report: भाजपा के सांसद रविशंकर प्रसाद ने हिंडनबर्ग की हालिया रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने सहयोगी दलों और टूलकिट गैंग के जरिए भारत में आर्थिक अराजकता और अस्थिरता लाने की साजिश रच रहे हैं. उन्होंने इसे उदाहरण के साथ भी समझाया.

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'कांग्रेस और टूलकिट गैंग ने आर्थिक अराजकता, अस्थिरता की साजिश रची', हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर क्या बोले रविशंकर?
Courtesy: social media

Ravi Shankar Prasad On Hindenburg Report: हिंडनबर्ग रिसर्च की हालिया रिपोर्ट पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. इस बहाने उन्होंने कांग्रेस, उसके सहयोगी दलों और टूलकिट गैंग को भी घेरा. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की जनता से मुंह की खाने के बाद कांग्रेस पार्टी, उसके सहयोगी और टूलकिट गैंग ने मिलकर भारत में आर्थिक अराजकता और अस्थिरता लाने की साजिश रची है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शनिवार को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होती है, रविवार को हंगामा होता है, इसलिए सोमवार को पूंजी बाजार में अस्थिरता होती है. उन्होंने कहा कि भारत शेयरों के मामले में भी सुरक्षित, स्थिर और आशाजनक बाजार है. बाजार को सुचारू रूप से चलाना सेबी की कानूनी जिम्मेदारी है...जब सेबी ने जुलाई में अपनी पूरी जांच पूरी करने के बाद हिंडनबर्ग के खिलाफ नोटिस जारी किया, जो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई थी, तो अपने बचाव के पक्ष में कोई जवाब दिए बिना, उन्होंने यह हमला किया है, जो एक बेबुनियाद हमला है.

रविशंकर बोले- आज हम कुछ मुद्दे उठाना चाहते हैं

भाजपा के सीनियर नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज हम कुछ मुद्दे उठाना चाहते हैं. हिंडनबर्ग में किसका निवेश है? क्या आप इस सज्जन जॉर्ज सोरोस को जानते हैं जो नियमित रूप से भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करते हैं...वे वहां के मुख्य निवेशक हैं...नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपनी रोगात्मक नफरत में, कांग्रेस पार्टी ने आज भारत के खिलाफ ही नफरत पैदा कर ली है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत का शेयर बाजार गड़बड़ा जाता है, तो क्या छोटे निवेशक परेशान होंगे या नहीं? कांग्रेस पार्टी की राजनीति में एक टूलकिट राजनीति है, दूसरी चिट राजनीति है. अगर परीक्षा में चिट मिलती है, तो कार्रवाई होती है. लेकिन कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को जो चिट मिलती है, उसका क्या किया जाना चाहिए? वे पूरे शेयर बाजार को क्रैश करना चाहते हैं, छोटे निवेशकों के पूंजी निवेश को रोकना चाहते हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारत में कोई आर्थिक निवेश न हो. 

हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर क्या बोले पवन खेड़ा?

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट और उसमें लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सेबी, प्रधानमंत्री और निर्मला सीतारमण हिंडनबर्ग की ओर से उठाए गए तथ्यात्मक और बिंदुवार मुद्दों पर कब जवाब देंगे? हम उस तारीख का इंतजार कर रहे हैं...क्या उन्होंने अगोरा पर जवाब दिया? क्या उन्होंने इस बात पर जवाब दिया कि सेबी अध्यक्ष बनने के बाद भी उन्होंने अपने ईमेल आईडी से पैसे के लिए मेल भेजा था?

पवन खेड़ा ने पूछा कि सेबी अध्यक्ष बनने से पहले क्या उन्होंने ऑफशोर कंपनियों में अपने निवेश का खुलासा किया था? क्या भारत सरकार को संदेह था कि उनकी कंपनियों ने गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी की ऑफशोर कंपनियों में निवेश किया है? अगर उनके पास ऐसी जानकारी थी, तो उन्हें सेबी अध्यक्ष क्यों बनाया गया? अगर उनके पास जानकारी नहीं थी, तो वे सत्ता में रहकर क्या कर रहे हैं? अगर उन्हें यह नहीं पता है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.