Haryana Nuh Jalabhishek Yatra: हरियाणा सरकार ने रविवार को ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा से पहले नूंह जिले में मोबाइल इंटरनेट और बल्क SMS सर्विस को 24 घंटे के लिए सस्पेंड करने का आदेश दिया. ये निर्णय पिछले साल इसी यात्रा के दौरान हुई हिंसा के मद्देनजर लिया गया. हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अनुराग रस्तोगी के आदेश के अनुसार, जिले में इंटरनेट सेवा रविवार शाम 6 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक सस्पेंड रहेगी. यात्रा में करीब 300 धर्मगुरु और 7000 श्रद्धालु शामिल होंगे.
आदेश में कहा गया है कि नूंह में तनाव, आंदोलन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शांति और सौहार्द्र भंग होने की आशंका है. आदेश व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर आदि जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए दिया गया था. यात्रा आज सुबह 10 बजे शुरू हुई, जो शाम 5 बजे संपन्न होगी. यात्रा में डीजे, साउंड बॉक्स, लाउडस्पीकर पूरी तरह से बैन है.
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमने अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि ये एक धार्मिक आयोजन है. हम सौहार्दपूर्ण समाज में रहते हैं. उन्होंने कहा कि ये यात्रा भगवान कृष्ण के भक्तों द्वारा ब्रज मंडल से होकर गुजरती है. यात्रा को सफल बनाने के लिए सहयोग किया जाना चाहिए.
नूंह में पुलिस ने यात्रा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं. स्थानीय पुलिस, कमांडो यूनिट्स, घुड़सवार पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्तों के साथ पूरे जिले में रणनीतिक रूप से तैनात हैं. नूंह पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन और डॉग स्क्वॉड का उपयोग करते हुए लगातार तलाशी अभियान और निगरानी चला रही है. जिले में आने-जाने वाले सभी वाहनों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही है और विभिन्न चेकपॉइंट पर डॉग स्क्वॉड से जांच की जा रही है.
जिले में जगह-जगह घुड़सवार पुलिस की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है. लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए नूंह के पुलिस अधीक्षक की निगरानी में फ्लैग मार्च निकाला गया. पुलिस ने गौरक्षक बिट्टू बजरंगी को भी यात्रा में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. गोरक्षा बजरंग फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष बजरंगी को पिछले साल उनके विभाजनकारी बयानों के लिए गिरफ्तार किया गया था, जिससे कथित तौर पर नूह जिले में सांप्रदायिक झड़पें भड़क उठी थीं.
पिछले साल 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह जिले में विश्व हिन्दू परिषद के जुलूस को रोकने के प्रयास में भीड़ की ओर से पथराव करने और कारों में आग लगाने के कारण दो होमगार्डों की मौत हो गई थी. साथ ही कई पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 15 अन्य घायल हो गए थे. उसी रात गुरुग्राम में एक मस्जिद पर भीड़ ने हमला कर दिया और उसके नायब इमाम की हत्या कर दी गई थी. अंतरधार्मिक संघर्ष के तत्काल बाद पांच लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे.