भारत की संसद का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है. इस सत्र से ठीक पहले प्रतिबंधित संगठन 'सिख फॉर जस्टिस' ने भारत के सांसदों को धमकी दी है और उन्हें घर पर ही रहने को कहना है. इस धमकी के बारे में केरल के सांसद वी सिवदासन ने राज्यसभा के चेयरमैन को चिट्ठी लिखकर सूचित किया है. सिवदासन ने यह भी लिखा है कि उन्हें फोन करके भी धमकी दी गई. यह धमकी भी सिख फॉर जस्टिस के मुखिया गुरपतवंत सिंह पन्नूं की ओर से देने का दावा किया गया है. उन्होंने इसके बारे में नई दिल्ली पुलिस के डीसीपी को भी सूचना दे दी है.
लेफ्ट के सांसद डॉ. वी सिवदासन केरल का प्रतिनिधित्व करते हैं. राज्यसभा के चेयरमैन को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा है, 'आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि मुझे 'सिख फॉर जस्टिस' की ओर से धमकी मिली है. 21 जुलाई 2024 को रात के 11:30 बजे मुझे एक अनजान नंबर से फोन आया और फोन करने वाले ने खुद को सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा बताया. यह फोन तब आया जब मैं दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के लाउंज में सांसद ए ए रहीम के साथ बैठा था. कुछ ही मिनट के बाद उन्हें भी धमकी वाला यही फोन आया.'
इस धमकी भरे फोन पर कहा गया, 'सिख फॉर जस्टिस संसद से लाल किले तक को खालिस्तान रेफरेंडम के संदेशों से भर देने जा रहा है. जिन भारतीय शासकों की वजह से सिख अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं हम उनके आंख और कान खोल देंगे. संसद के सदस्यों, अगर तुम्हें खालिस्तान रेफरेंडम से बचना है तो अपने घर पर ही रहना. यह संदेश सिफ फॉर जस्टिस के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू की ओर से है.'
CPI(M) Rajya Sabha MP from Kerala, V Sivadasan writes a letter to Chairman Rajya Sabha Chairman Jagdeep Dhankhar, regarding receiving a threatening call claiming to be from 'Sikhs For Justice'. pic.twitter.com/je0hIQncdG
— ANI (@ANI) July 22, 2024
डॉ. सिवदासन ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा है कि उन्होंने पुलिस को इसकी आधिकारिक शिकायत भी दे दी है. साथ ही, राज्यसभा के चेयरमैन से भी अपील की है कि वह भी इस मामले पर ध्यान दें और आवश्यक कार्रवाई करें. बता दें कि आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है जिसके लिए तमाम पार्टियों के सांसद दिल्ली पहुंचने लगे हैं. ऐसे में इस तरह की धमकियां सामने आना चिंताजनक है.
भारत से फरार होकर दूसरे देशों में छिपा गुरपतवंत सिंह पन्नू सिख फॉर जस्टिस नाम का संगठन चलाता है. इस संगठन को भारत में बैन किया जा चुका है और गुरपतवंत को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है. भारत में उसके खिलाफ UAPA समेत कई गंभीर धाराओं में केस भी दर्ज है. अक्सर वह अपने संदेशों और वीडियो के जरिए लोगों को धमकी देता है या फिर उनको उकसाने की कोशिश करता है. लंबे समय से वह खालिस्तान रेफरेंडम की बातें भी करता आ रहा है.