क्या देश में लगने वाला है लॉकडाउन 2.O? मिडिल ईस्ट के मुद्दे पर सरकार ने आज बुलाई सर्वदलीय बैठक
मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर क्या भारत पर भी पड़ने वाला है और अगर हां तो इसके लिए देश कितना तैयार है. भारत सरकार ने आज इसी विषय पर बात करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है.
मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है. इसी बीच केंद्र सरकार ने आज यानी बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को वर्तमान स्थिति के बारे में बताना है. साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर एकजुट राष्ट्रीय रणनीति तैयार करना है. यह बैठक संसद भवन परिसर में शाम 5 बजे होनी है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं.
इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल होने वाले हैं. इस बैठक के लिए सभी प्रमुख दलों के संसदीय नेताओं को आमंत्रित किया गया है.
इस बैठक में क्या शामिल होंगे राहुल गांधी?
रिपोर्ट यह है कि इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने अपनी मां सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को देखते हुए पहले से तय केरल दौरे को भी रद्द कर दिया. कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हालांकि डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य को स्थिर बताया है. कांग्रेस के अलावा अन्य कई विपक्षी पार्टियों के नेता भी इस बैठक में शामिल होने वाले हैं.
बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा संभव
मीडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का चौथा हफ्ता शुरू हो चुका है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने के कारण ईधन सप्लाई ब्रेक हुआ है, जिसके कारण लोगों को एलपीजी की समस्या हो रही है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कहा गया है कि स्थिति काबू में हैं, लेकिन लोगों में डर का माहौल है. लोग पैनिक बाइंग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कहीं पेट्रोल-डीजल की किल्लत ना हो जाए. हालांकि तेल कंपनियों ने आज बयान जारी करते हुए कहा है कि स्थिति कंट्रोल में है, हमारे पास तेल की किल्लत नहीं है.
आज इस बैठक में कच्चे तेल, गैस, एलपीजी और कृषि उर्वरकों समेत अन्य कई वस्तुएं जो दूसरे देशों से आती है, उसकी आपूर्ति पर विशेष चर्चा की जा सकती है. इसके अलावा खाड़ी देशों में कार्यरत लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा संभव है. सरकार उन नागरिकों की वापसी को लेकर भी प्लान बना सकती है.