नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही एक सनसनीखेज खबर ने सबको हैरान कर दिया है. जिसमें ये दावा किया गया कि हजारों यूक्रेनी नागरिक भारत में घुसकर पूर्वोत्तर में विद्रोही गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. इस खबर के सामने आते ही लोगों में सनसनी फैल गई थी. लेकिन अब इसे लेकर सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान आया है. सरकार ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है. आधिकारिक बयान में इन दावों को न सिर्फ भ्रामक बताया गया, बल्कि लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की गई.
सरकार ने ये साफ किया कि 3,000 यूक्रेनियों के भारत में प्रवेश और विद्रोही गुटों को प्रशिक्षण देने की बात पूरी तरह फर्जी है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है, जिनमें छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी शामिल हैं. इन पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने का शक है और मामले की जांच जारी है.
सरकारी बयान में कहा गया कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें निराधार हैं. इनमें यह भी आरोप लगाया जा रहा था कि विदेशी नागरिक पूर्वोत्तर भारत में छिपकर आतंकवादी समूहों को ड्रोन और अन्य तकनीकी सहायता दे रहे हैं, जिसे सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया और साथ ही खबर है कि अब इस मामले की पूरी जांच चल रही है.
Some social media posts are claiming that over 3,000 Ukrainians have entered India and are hiding in the North-East to train insurgent groups, allegedly backed by US mercenaries and supplying cheap drones to terrorists.#PIBFactCheck
❌These claims are #FAKE.
🔸 7 individuals… pic.twitter.com/WVbQwVkodI— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 20, 2026Also Read
- मार्च में सर्दियों की दस्तक, 19 राज्यों में आंधी-ओले और बारिश का कहर; दिल्ली से बिहार तक कंपकंपी
- महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बलात्कारी ज्योतिषी अशोक खरात से संबंध का था आरोप
- 'पत्नी नौकरानी नहीं है', सुप्रीम कोर्ट की पतियों को दो टूक; कहा- घरेलू कामों में हाथ बंटाना चाहिए
जांच एजेंसियों ने जिन सात लोगों को पकड़ा है, उनमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है, जिसे कोलकाता एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया. बाकी छह यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ हवाई अड्डों से पकड़ा गया था. सभी संदिग्धों पर म्यांमार में सक्रिय सशस्त्र समूहों के साथ जुड़ाव के आरोप हैं.
अधिकारियों की मानें तो, ये कार्यवाही खुफिया जानकारी के आधार पर की गई. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने इन लोगों को ट्रांजिट के दौरान रोका, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
NIA की FIR के मुताबिक, कुल 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग समय पर टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे. वो बिना आवश्यक परमिट के असम और मिजोरम पहुंचे और फिर अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश कर गए. वहां उन्होंने ड्रोन संचालन और जैमिंग तकनीक से जुड़े ट्रेनिंग देने की प्लैनिंग की थी.
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को 16 मार्च को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 दिनों की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया है. जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के व्यापक पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं.