menu-icon
India Daily

महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बलात्कारी ज्योतिषी अशोक खरात से संबंध का था आरोप

महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने इस्तीफा दे दिया है. अशोक खरात से जुड़े विवाद के बाद उन पर दबाव बढ़ा था, जिससे राज्य की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बलात्कारी ज्योतिषी अशोक खरात से संबंध का था आरोप
Courtesy: @dwivediachyut41

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल बढ़ गई, जब रुपाली चाकणकर ने महिला आयोग अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 20 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में निजी कारणों का हवाला दिया, लेकिन उनके इस्तीफे को हाल के विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है. नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू बाबा अशोक खरात से कथित संबंधों को लेकर विपक्ष लगातार उन पर सवाल उठा रहा था, जिससे यह मामला और संवेदनशील बन गया था.

इस्तीफे के पीछे क्या वजह

चाकणकर ने अपने पत्र में साफ तौर पर निजी कारणों का जिक्र किया है और तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की बात कही है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया. बताया जा रहा है कि बढ़ते दबाव के चलते यह कदम उठाया गया, जिससे सरकार पर बन रहे राजनीतिक दबाव को कम किया जा सके.

खरात विवाद से जुड़ा मामला

अशोक खरात से जुड़े विवाद ने इस इस्तीफे को और अहम बना दिया है. खरात को हाल ही में एक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि चाकणकर उनके एक ट्रस्ट से जुड़ी रही हैं. इसी वजह से विपक्ष ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी.

राजनीतिक दबाव और प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और महिला आयोग जैसी संस्था की साख पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति का विवादों से दूर रहना जरूरी है. हालांकि चाकणकर ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सरकार और सहयोगियों का आभार जताया है और किसी भी गलत आरोप से इनकार किया है.

आगे की स्थिति पर नजर

इस्तीफे के बाद अब महिला आयोग के नेतृत्व में बदलाव तय माना जा रहा है. सरकार को नया अध्यक्ष नियुक्त करना होगा. फिलहाल राज्य सरकार ने इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है. इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, और आने वाले दिनों में इसके असर पर सभी की नजर बनी रहेगी.