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गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने आईसीजी के लिए पांचवें तीव्र गश्ती पोत 'अटल' का किया शुभारंभ, समुद्री निगरानी, तस्करी-रोधी में निभाएगा भूमिका

भारत के अग्रणी रक्षा उद्यम, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए आठ तीव्र गश्ती पोतों की श्रृंखला में पांचवें पोत “अटल” का शानदार शुभारंभ किया.

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Edited By: Garima Singh
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने आईसीजी के लिए पांचवें तीव्र गश्ती पोत 'अटल' का किया शुभारंभ, समुद्री निगरानी, तस्करी-रोधी में निभाएगा भूमिका
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नई दिल्ली, 29 जुलाई 2025: भारत के अग्रणी रक्षा उद्यम, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए आठ तीव्र गश्ती पोतों की श्रृंखला में पांचवें पोत “अटल” का शानदार शुभारंभ किया. यह समारोह आज यानी मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमती शिल्पा अग्रवाल ने श्री रोज़ी अग्रवाल, आईडीएएस, पीआईएफए, तटरक्षक मुख्यालय की उपस्थिति में 'अथर्ववेद' के मंत्रोच्चार के साथ इस अत्याधुनिक पोत का उद्घाटन किया. समारोह में आईजी सुधीर साहनी, टीएम, डीडीजी (एम एंड एम) सहित तटरक्षक बल के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे.“

रोज़ी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा, “इन जहाजों को आईसीजी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है.” यह पोत 52 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है, जिसकी क्षमता 320 टन है. यह अत्याधुनिक पोत समुद्री निगरानी, तस्करी-रोधी, समुद्री डकैती-रोधी अभियानों और खोज एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह जहाज विशेष रूप से आर्थिक क्षेत्र और तटीय गश्त के आसपास मत्स्य संरक्षण और अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने इस परियोजना के माध्यम से न केवल तकनीकी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल की है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है. इस परियोजना ने स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए हैं. यह पहल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के विकास और राष्ट्र की समृद्धि में योगदान दे रही है. गोवा शिपयार्ड की यह उपलब्धि रक्षा उत्पादन में 'आत्मनिर्भरता' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वदेशी निर्माण की प्रतिबद्धता

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में भारतीय तटरक्षक बल और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह महत्वपूर्ण उपलब्धि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में सही कदम है.” “अटल” का शुभारंभ भारत की जहाज निर्माण क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए स्वदेशी तकनीक पर आधारित अत्याधुनिक पोत प्रदान करने की जीएसएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. यह जहाज न केवल समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि भारत की तकनीकी प्रगति को भी विश्व पटल पर प्रदर्शित करेगा.

गोवा शिपयार्ड की तकनीकी प्रगति

गोवा शिपयार्ड ने इस पोत के निर्माण में असाधारण प्रगति दिखाई है. यह परियोजना न केवल रक्षा क्षेत्र में भारत की स्वदेशी क्षमताओं को उजागर करती है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और कार्यबल को भी सशक्त बनाती है. “अटल” का शुभारंभ भारत के समुद्री क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ता है, जो देश की सुरक्षा और समृद्धि के लिए समर्पित है.