पणजी: गोवा के अरपोरा इलाके में स्थित नाइटक्लब बिर्क बाय रोमियो लेन में लगी भीषण आग की जांच जारी है. वहां के सिक्योरिटी गार्ड संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि हादसा रात 11 से 12 बजे के बीच हुआ. नाइटक्लब में हादसे के वक्त डीजे और डांसर का कार्यक्रम होने वाला था, जिसकी वजह से बड़ी संख्या में लोग क्लब में मौजूद थे.
उन्होंने कहा कि जैसे ही ब्लास्ट हुआ, क्लब में मौजूद लोग घबरा गए और कई लोग नीचे बेसमेंट की ओर भागे, जहां धुआं भर चुका था. एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसने तेज धमाका सुना और कुछ देर बाद एंबुलेंस को जाते देखा. दूसरे सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि धमाका सिलेंडर ब्लास्ट का था, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई.
#WATCH | Sanjay Kumar Gupta, a security guard at Birch says, "The incident occurred between 11 pm and 12 am. Suddenly, there was a fire...I was at the gate...A DJ, dancer was going to come here, and it was about to get really crowded..." https://t.co/upgOx2TYuW pic.twitter.com/gSJylB7QNb
— ANI (@ANI) December 7, 2025
शुरुआती जांच में सामने आया है कि किचन में एलपीजी सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसकी वजह से आग कुछ ही सेकंड में तेजी से फैल गई. आग इतनी तेजी से भड़की कि लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और अफरा-तफरी में ज्यादातर लोग बेसमेंट की ओर भाग गए, जहां घने धुएं की वजह से उनकी सांसें रुक गईं. मरने वालों में 14 नाइटक्लब के कर्मचारी और चार पर्यटक शामिल हैं, जबकि अन्य लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है.
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मिलकर जांच में जुटी हैं. शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि नाइटक्लब में फायर सेफ्टी से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था. फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त नहीं थे और आपातकालीन निकास मार्ग भी सुरक्षित नहीं पाया गया. यह भी सामने आया है कि क्लब में भीड़ अधिक थी और सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर थे.
हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. सावंत ने कहा कि मरने वालों में अधिकतर कर्मचारी थे और उनकी मौत दम घुटने से हुई. मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया. उन्होंने सभी नाइटक्लब और बार का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की बात कही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति की जानकारी ली. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषणा की गई कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे.