नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्कायरूट एयरोस्पेस के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन करते हुए भारत की Gen-Z पीढ़ी की सराहना की है.
उन्होंने कहा कि देश में जब भी नए अवसर खुलते हैं, युवा पूरे उत्साह के साथ जिम्मेदारी निभाते हैं और राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हैं. मोदी ने भारत के बढ़ते स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम, तकनीकी नवाचारों और युवाओं के बढ़ते योगदान को देश की 'नई उड़ान' का आधार बताया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि आज भारत में 300 से अधिक स्पेस स्टार्टअप देश की अंतरिक्ष यात्रा को नई गति दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई युवा छोटी-सी जगह में सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों के साथ काम शुरू करते हैं और यही जज्बा भारत में निजी स्पेस क्रांति का आधार बना है.
मोदी ने कहा कि आज Gen-Z इंजीनियर, डिजाइनर, वैज्ञानिक और कोडर उन्नत तकनीकों पर काम कर रहे हैं. प्रोपल्शन, कंपोजिट सामग्री, रॉकेट स्टेज और सैटेलाइट प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्र, जो पहले स्टार्टअप के लिए असंभव माने जाते थे, आज युवाओं के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.
यहां देखें वीडियो
Speaking at the inauguration of Skyroot’s Infinity Campus. It is a significant leap forward for India’s space sector and its future. @SkyrootA https://t.co/EcLEWEcdIx
— Narendra Modi (@narendramodi) November 27, 2025
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. देश में 1.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं, जिनमें कई यूनिकॉर्न भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि स्टार्टअप अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि छोटे कस्बों और गांवों से भी नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं.
मोदी ने स्कायरूट के इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन करते हुए इसे भारत के निजी अंतरिक्ष प्रयासों में बड़ा कदम बताया. यह अत्याधुनिक सुविधा दो लाख वर्ग फुट में फैली है और यहां हर महीने एक कक्षीय रॉकेट बनाने की क्षमता होगी. कंपनी के संस्थापक पूर्व ISRO वैज्ञानिक और IIT अलुमनाई हैं.
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने स्कायरूट के पहले ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I का भी अनावरण किया. यह रॉकेट विभिन्न सैटेलाइट्स को कक्षा में स्थापित करने की क्षमता रखता है. इससे पहले, नवंबर 2022 में कंपनी ने विक्रम-S लॉन्च कर इतिहास रचा था, जब वह ऐसा करने वाली भारत की पहली निजी कंपनी बनी.