तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी RIMS अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में सोमवार देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया. AC यूनिट में खराबी के बाद लगी आग से वार्ड में घना धुआं भर गया. हादसे के समय SNCU में 24 नवजात बच्चे मौजूद थे. इस घटना में अब तक तीन मासूमों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक महज 5 दिन का बच्चा भी शामिल है.
जानकारी के मुताबिक हादसा सोमवार रात करीब 11:40 बजे हुआ. AC में खराबी के बाद आग लगने और धुआं भरने से वार्ड में मौजूद बच्चों की जान खतरे में पड़ गई. अस्पताल के स्टाफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. 20 से ज्यादा बच्चों को इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया.
तेलंगाना | आदिलाबाद के RIMS अस्पताल में कल रात लगी आग में पांच दिन के एक नवजात शिशु की मौत हो गई। एक वार्ड में भर्ती 28 बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना रात करीब 11:50 बजे हुई। सूचना मिलने पर दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया गया। आग… pic.twitter.com/Jf1uXlpGYX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 22, 2026
अदिलाबाद के जिला कलेक्टर राजर्षि शाह के मुताबिक, रेस्क्यू के दौरान करीब 26 सप्ताह के एक प्रीमैच्योर बच्चे की मौत हो गई थी. इसके बाद दूसरे बच्चों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. इलाज के दौरान निजामाबाद में एक और बच्चे की मौत हो गई. इससे पहले भी एक बच्चे की मौत की जानकारी सामने आई थी. इस तरह हादसे में अब तक तीन नवजातों की जान जा चुकी है.
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. टीम ने आग को अस्पताल के दूसरे वार्डों तक फैलने से रोक लिया. धुएं की चपेट में आए बच्चों को उनकी हालत के अनुसार वेंटिलेटर और अन्य जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. अस्पताल की मेडिकल और इमरजेंसी टीमें बच्चों की लगातार निगरानी कर रही हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही आदिलाबाद के जिला कलेक्टर राजर्षि शाह और पुलिस अधीक्षक अखिल महाजन अस्पताल पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. अधिकारियों ने रेस्क्यू और राहत कार्यों की निगरानी की. साथ ही हादसे की वजह की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं.
कलेक्टर ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इस मामले में किसी तरह की लापरवाही हुई. फिलहाल प्रशासन का मुख्य ध्यान दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किए गए बच्चों के इलाज और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है. तीन नवजातों की मौत के बाद उनके परिवारों में शोक का माहौल है.