Voting Rights Controversy: देशभर में ‘वोट चोरी’ के आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता गोपनीयता को लेकर सख्त रुख अपनाया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा कि आयोग किसी भी हाल में मतदाताओं की निजी जानकारी या फुटेज साझा नहीं करेगा. उन्होंने साफ किया कि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी है लेकिन इसमें शामिल मतदाताओं की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में मीडिया में सामने आए मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले हमने देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना अनुमति के मीडिया में दिखाई गईं. उन पर सवाल उठाए गए और आरोप लगाए गए. क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता का सीसीटीवी वीडियो सार्वजनिक कर देना चाहिए? चाहे वह किसी की मां हो, बहन हो या बेटी हो, क्या उनकी निजता का हनन सही है?
#WATCH | दिल्ली: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "हमने कुछ दिन पहले देखा कि कई मतदाताओं की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के मीडिया के सामने पेश की गईं। उन पर आरोप लगाए गए, उनका इस्तेमाल किया गया। क्या चुनाव आयोग को किसी भी मतदाता, चाहे वह उनकी मां हो, बहू हो, बेटी… pic.twitter.com/hRm6ueo8CG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 17, 2025Also Read
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उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी का इस्तेमाल केवल निगरानी के लिए किया जाता है ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और सुरक्षित रहे. इसे सार्वजनिक करने का कोई औचित्य नहीं है क्योंकि इससे मतदाताओं की सुरक्षा और निजी अधिकार प्रभावित होंगे.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी दोहराया कि मतदाता सूची में जिनका नाम दर्ज है, वही मतदान के योग्य हैं. हर पात्र नागरिक को अपने उम्मीदवार को चुनने का अधिकार है और आयोग उसकी रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
बीते दिनों विपक्षी दलों ने कुछ जगहों पर कथित ‘वोट चोरी’ के मामले उठाए थे और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की थी. इस पर चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि पारदर्शिता बनाए रखते हुए मतदाताओं की निजता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.