कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब एक सोशल मीडिया वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं, जिसमें उन्होंने एक प्रतिबंधित चीनी ड्रोन का प्रदर्शन किया. इस वीडियो में राहुल गांधी ने यह कहा कि भारत को "मजबूत उत्पादन आधार" की आवश्यकता है, ताकि ड्रोन जैसी तकनीक का उत्पादन किया जा सके, और "खाली शब्दों" से कुछ हासिल नहीं होगा.
दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (16 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक ट्वीट पोस्ट किया, "ड्रोन सिर्फ एक तकनीक नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत औद्योगिक प्रणाली से उत्पन्न निचले से ऊपर की नवाचार हैं.
Drones have revolutionised warfare, combining batteries, motors and optics to manoeuver and communicate on the battlefield in unprecedented ways. But drones are not just one technology - they are bottom-up innovations produced by a strong industrial system.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 15, 2025
Unfortunately, PM… pic.twitter.com/giEFLSJxxv
भारत को मजबूत उत्पादन आधार चाहिए- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से, पीएम मोदी इसे समझने में विफल रहे हैं. जबकि वह ए.आई. पर 'टेलीप्रॉम्प्टर' भाषण देते हैं, हमारे प्रतिद्वंद्वी नई तकनीकों में महारत हासिल कर रहे हैं. भारत को मजबूत उत्पादन आधार चाहिए, खाली शब्द नहीं. गांधी ने वीडियो में यह भी दावा किया कि भारत ड्रोन के अंदर उपयोग होने वाले किसी भी घटक का निर्माण नहीं करता है और न ही हमें ऑप्टिक्स की समझ है.
Rahul Gandhi's statements dismiss India's drone industry while proudly showcasing a banned Chinese DJI drone.
— Smit Shah 🚀 (@BlameItOnSmit) February 16, 2025
Yes, the industry is still in its nascent stage and a lot has to be done, but arm chair criticism with zero tangible suggestions won’t help.
Collective efforts of… pic.twitter.com/48nOMttUFY
जानिए क्या है पूरा मामला?
राहुल गांधी के इस वीडियो पर विरोधी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसमें ड्रोन्स फेडरेशन इंडिया (DFI) के अध्यक्ष स्मित शाह ने उनकी आलोचना की. स्मित शाह ने कहा, "राहुल गांधी ने भारत के ड्रोन उद्योग को नकारते हुए एक प्रतिबंधित चीनी DJI ड्रोन को गर्व से दिखाया." उन्होंने यह भी कहा कि भारत में 400 से अधिक कंपनियां ड्रोन का निर्माण करती हैं और 50 से अधिक कंपनियां ड्रोन के घटक, जैसे बैटरी, प्रोपेलर, फ्लाइट कंट्रोलर और मोटर्स का निर्माण करती हैं.
राहुल गांधी पर सवाल उठाते हुए ड्रोन्स फेडरेशन
शाह ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए राहुल गांधी के बयान को गलत बताया और उन पर कुछ गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा, "ड्रोन को भारत में प्रतिबंधित होने के बावजूद कैसे प्राप्त किया गया? क्या उन्होंने ड्रोन उड़ाने के लिए आवश्यक रिमोट पायलट प्रमाणपत्र प्राप्त किया था? क्या उन्होंने MoCA/MHA से अनुमति ली थी?"
इसके अतिरिक्त, पूर्व इंफोसिस CFO मोहनदास पई ने भी राहुल गांधी को फटकारते हुए कहा कि उन्हें "भारत को नीचा दिखाने की अपनी झूठे नैरेटिव को बंद कर देना चाहिए.