menu-icon
India Daily

कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को बताया भगवान राम! बीजेपी ने कहा 'चापलूसी प्रो मैक्स'

कांग्रेस नेता नाना पटोले ने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से की, जिससे भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने इसे हिंदू धर्म का अपमान और कांग्रेस की चाटुकारिता करार दिया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को बताया भगवान राम! बीजेपी ने कहा 'चापलूसी प्रो मैक्स'
Courtesy: social media

नई दिल्ली: राजनीतिक बहस छिड़ गई है, जब कांग्रेस नेता नाना पटोले ने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से की. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भगवान राम का काम कर रहे हैं. भाजपा ने इसे हिंदू धर्म का अपमान और कांग्रेस की 'सुपर चाटुकारिता' करार दिया. भाजपा नेताओं ने पटोले के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि राहुल गांधी अब तक अयोध्या के राम मंदिर का दर्शन क्यों नहीं कर पाए.

नाना पटोले का बयान

नाना पटोले ने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से करते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने पीड़ित और वंचितों के लिए न्याय सुनिश्चित किया, वैसे ही राहुल गांधी भी समाज सेवा में लगे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल मंदिर में फोटो सेशन की बजाय लोगों की मदद करना पसंद करते हैं. पटोले ने राजीव गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि राम मंदिर की लॉक खोलने में उनकी भूमिका थी.

यहां देखें वीडियो

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा नेताओं ने नाना पटोले के बयान पर गहरा आक्रोश जताया. पार्टी ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया और कांग्रेस की 'सुपर चाटुकारिता' करार दिया. भाजपा नेता CR केशवन ने सवाल किया कि क्या पटोले राहुल गांधी से यह पूछने की हिम्मत करेंगे कि उन्होंने 'प्राण प्रतिष्ठा' को ‘नाच-गाना’ क्यों कहा और अब तक मंदिर क्यों नहीं गए.

राजनीतिक हलचल और विवाद

पटोले के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. भाजपा ने कहा कि कांग्रेस बार-बार हिंदू भावनाओं का अपमान कर रही है. Shehzad Poonawalla ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हाल ही में यह भी कहा था कि क्रिसमस मनाने में सोनिया गांधी की भूमिका थी. भाजपा ने कांग्रेस पर लगातार धर्म की भावना को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया.

धार्मिक संवेदनाओं पर असर

भाजपा का मानना है कि नाना पटोले का बयान करोड़ों हिंदू भक्तों की भावनाओं के खिलाफ है. पार्टी ने इसे 'अक्षम्य और गंभीर अपमान' करार दिया. उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का एक रणनीतिक और भ्रामक कदम है, जो राजनीतिक फायदे के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रही है.

आगे की राजनीतिक लड़ाई

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयान आगामी चुनावों में राजनीतिक रोटेशन को तेज कर सकता है. कांग्रेस और भाजपा के बीच अयोध्या राम मंदिर को लेकर यह बहस और गहराएगी. दोनों दलों के नेता सोशल मीडिया और जनसभाओं में बयानबाजी जारी रखेंगे, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो सकता है.