Tejashwi Yadav: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. तेजस्वी यादव ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि असम के मुख्यमंत्री सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहे हैं. तेजस्वी ने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ के तरह काम करने की कोशिश कर रहे हैं. वह कौन है? वह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता चाहते हैं. बीजेपी ने मुसलमानों को आसान निशाना बनाया है.
आरजेडी नेता ने कहा कि वे किसी न किसी तरह से मुसलमानों को परेशान करना चाहते हैं और समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं. बीजेपी को समझना चाहिए कि मुसलमानों ने भी स्वतंत्रता संग्राम में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने एक्स पर मीडियाकर्मियों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो क्लिप भी पोस्ट किया और लिखा कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और योगी का चीनी संस्करण बनने के प्रयास में, असम के मुख्यमंत्री जानबूझकर मुसलमानों को परेशान करने वाले कार्य करते रहते हैं.
असम के मुख्यमंत्री सस्ती लोकप्रियता हासिल करने एवं “योगी का चाइनीज़ वर्जन” बनने के प्रयास में जानबुझकर मुसलमानों को परेशान करने वाले कृत्य करते रहते है। BJP के लोगों ने नफ़रत फैलाने, मोदी-शाह का ध्यान आकृष्ट करने एवं समाज में धुर्वीकरण करने के लिए मुसलमान भाइयों को सॉफ्ट टारगेट… pic.twitter.com/tVue9mXoY9
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 30, 2024
तेजस्वी यादव ने कहा कि देश की आजादी में आरएसएस को छोड़कर सभी धर्मों के लोगों का हाथ है. हमारे मुस्लिम भाइयों ने देश को आज़ादी दिलाने में कुर्बानियां दी हैं और जब तक हम यहाँ हैं, कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुँचा सकता है. तेजस्वी यादव की टिप्पणी असम विधानसभा में रद्द किए गए उस नियम के आलोक में आई है जिसमें मुस्लिम विधायकों को नमाज अदा करने की अनुमति देने वाले दो घंटे के अवकाश को रद्द कर दिया गया है.
असम विधानसभा ने ब्रिटिश काल की उस प्रथा को समाप्त कर दिया है जिसके तहत जुम्मे की नमाज के लिए दो घंटे का ब्रेक दिया जाता था, जिसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मुस्लिम विधायक जुमे की नमाज अदा करने के लिए करते थे. विधानसभा ने प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 11 में संशोधन किया है, जिससे शुक्रवार की बैठकों के लिए विशेष प्रावधान को प्रभावी रूप से हटा दिया गया है.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम विधानसभा ने उत्पादकता को प्राथमिकता दी है और दो घंटे के ' जुम्मा(शुक्रवार) अवकाश को समाप्त करके औपनिवेशिक बोझ के एक और निशान को हटा दिया है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह प्रथा मुस्लिम लीग के सैयद सादुल्ला द्वारा 1937 में शुरू की गई थी. इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए माननीय अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी और हमारे विधायकों के प्रति मेरा आभार.