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पत्रकारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से महाभियोग प्रस्ताव पर पूछा सवाल, ज्ञानेश कुमार का ऐसा रहा रिएक्शन

पत्रकारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से महाभियोग नोटिस को लेकर सवाल किया. हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साध ली.

Anuj
Edited By: Anuj
पत्रकारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से महाभियोग प्रस्ताव पर पूछा सवाल, ज्ञानेश कुमार का ऐसा रहा रिएक्शन

नई दिल्ली: देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम संस्थान चुनाव आयोग के प्रमुख मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने बड़ा कदम उठाया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेतृत्व में कई विपक्षी दलों ने संसद के दोनों सदनों में उन्हें पद से हटाने के लिए महाभियोग का नोटिस दिया है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह का प्रस्ताव लाया गया है.

विपक्ष ने अपने नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त पर सात गंभीर आरोप लगाए हैं. इनमें पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने, मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी, बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने और चुनावी गड़बड़ियों की जांच में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं. खासकर, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. इसी वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में आ गया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुप्पी साधी

रविवार को जब चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की, तब पत्रकारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से महाभियोग नोटिस को लेकर सवाल किया. हालांकि, उन्होंने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की और चुप्पी साध ली. उन्होंने सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया. ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, इससे पहले भी राजनीतिक आरोपों से जुड़े सवालों पर वह सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देने से बचते रहे हैं.

पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की कुल 824 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित किया है. असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा. इन सभी राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी.

युवाओं से की अपील

चुनाव आयोग के अनुसार, इन राज्यों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता हैं, जिनके लिए करीब 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए करीब 25 लाख चुनावकर्मी तैनात किए जाएंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ने खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं से अपील की है कि वे अपने मताधिकार का जिम्मेदारी और उत्साह के साथ इस्तेमाल करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में योगदान दे.