Chandrababu Naidu: आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के नेता की चाकू और कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई है. मामला कुरनूल जिले के एक गांव का है. जानकारी के बाद टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू के बेटे लोकेश नारा ने वारदात की निंदा की और जगन मोहन रेड्डी को निशाने पर लिया. मृत टीडीपी नेता की पहचान गौरीनाथ चौधरी के रूप में हुई है.
घटना बोम्मिरेड्डीपल्ले गांव में हुई जहां हमलावरों का नेतृत्व वाईएसआरसीपी कार्यकर्ता पमय्या, रामकृष्ण और अन्य कर रहे थे. गौरीनाथ चौधरी की हत्या की वजह से इलाके में तनाव फैल गया. स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है. पुलिस ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं.
वारदात की जानकारी के बाद कुरनूल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बोम्मिरेड्डीपल्ले गांव का दौरा किया. उन्होंने गांव के लोगों से न घबराने और कानून को किसी भी सूरत में हाथ में न लेने की अपील की. एसपी के मुताबिक, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए गांव में एक चौकी भी बनाई गई है.
टीडीपी महासचिव और मनोनीत मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने हमले की निंदा की. उन्होंने निवर्तमान मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की हत्या में हाथ होने का आरोप लगाया.
लोकेश ने तेलुगु में किए गए एक्स पोस्ट में लिखा कि भले ही वाईएस जगन रेड्डी हार गए हों , लेकिन वे खूनी इतिहास लिखना जारी रखते हैं. कुरनूल जिले के वेल्दुर्थी मंडल के बोम्मिरेड्डीपल्ले के टीडीपी नेता गौरीनाथ चौधरी की बेरहमी से हत्या कर दी गई. जगन रेड्डी लोगों को मार रहे हैं, भले ही वे वाईएसआरसीपी का शासन नहीं चाहते हों. अगर जगन रेड्डी हत्या की राजनीति बंद नहीं करते हैं, तो परिणाम गंभीर होंगे.
लोकेश नारा ने कहा कि हम गौरीनाथ चौधरी के परिवार का ख्याल रखेंगे और पूरी टीडीपी उनके परिवार के साथ है. उन्होंने कहा कि आरोपियों को छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता. हम वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए हमलों की जांच करेंगे. हम शांति और व्यवस्था बनाए रखेंगे.
2024 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में, टीडीपी ने 175 में से 135 सीटें जीतकर चुनावों में जीत हासिल की, जबकि उसके एनडीए सहयोगी, जन सेना पार्टी और भाजपा ने 21 और आठ सीटें हासिल की है. पिछले चुनाव में 151 सीटें जीतने वाली वाईएसआरसीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा और वह सिर्फ़ 11 सीटों पर सिमट गई.