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अब स्कूलों में दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हायर होंगे एक्सपर्ट टीचर; केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देशभर के स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की तैयारी चल रही है. अदालत की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा.

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Edited By: Reepu Kumari
अब स्कूलों में दी जाएगी सेक्स एजुकेशन, हायर होंगे एक्सपर्ट टीचर; केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी
Courtesy: ChatGpt

नई दिल्ली: देश के स्कूलों में पढ़ाई के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि स्कूलों के पाठ्यक्रम में सेक्स एजुकेशन शामिल करने की तैयारी चल रही है. सरकार ने कहा कि अदालत की मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा. लंबे समय से चर्चा में रहे इस विषय पर अब औपचारिक पहल शुरू हो गई है. यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ के समक्ष दी. सरकार ने बताया कि इस संबंध में विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर विचार किया जा रहा है.

पॉक्सो कानून से जुड़े मामलों पर हुई सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट किशोरों के आपसी सहमति वाले प्रेम संबंधों से जुड़े मामलों में पॉक्सो कानून के कथित दुरुपयोग पर सुनवाई कर रहा था. अदालत ने कहा कि कई मामलों में 16 से 18 वर्ष के किशोर आपसी सहमति से संबंध बनाकर घर छोड़ देते हैं. इसके बाद परिजन सम्मान के नाम पर आपराधिक मामले दर्ज करा देते हैं, जिससे कानूनी जटिलताएं पैदा होती हैं.

26 सदस्यीय समिति ने तैयार की रिपोर्ट

केंद्र सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में 26 सदस्यीय समिति बनाई थी. समिति को पॉक्सो कानून के संदर्भ में किशोरों की निजता और आपसी सहमति वाले संबंधों से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं.

एनसीईआरटी तैयार करेगा पाठ्यक्रम

समिति ने सिफारिश की है कि स्कूलों में व्यापक यौन शिक्षा और बच्चों के यौन शोषण जैसे विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए. रिपोर्ट के अनुसार, इस विषय का पाठ्यक्रम एनसीईआरटी तैयार करे और इसे नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लागू किया जाए, ताकि छात्रों को आयु के अनुसार आवश्यक जानकारी मिल सके.

प्राथमिक स्तर से पढ़ाने का सुझाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन विषयों की शुरुआत प्राथमिक स्तर से की जानी चाहिए. इसके लिए विशेषज्ञ शिक्षक नियुक्त किए जाएं, जो विद्यार्थियों को आयु के अनुरूप जानकारी दें. समिति ने सुझाव दिया है कि सप्ताह में दो बार 20 मिनट की कक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएं.

अदालत की मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को स्पष्ट किया कि स्कूलों में सेक्स एजुकेशन लागू करने की प्रक्रिया अदालत की मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल सरकार विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर आगे की कार्यवाही की तैयारी कर रही है.