menu-icon
India Daily

पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड पर कसा शिकंजा, हाफिज सईद के खिलाफ NIA कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा कदम उठाते हुए जम्मू की एनआईए अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. अदालत ने जांच आगे बढ़ाने के लिए उसकी गिरफ्तारी को जरूरी माना है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड पर कसा शिकंजा, हाफिज सईद के खिलाफ NIA कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट
Courtesy: social media

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले की जांच अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है. जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत ने इस मामले में पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. एनआईए का कहना है कि सईद इस हमले की साजिश रचने वालों में प्रमुख भूमिका निभाने वाला आरोपी है और वह जानबूझकर कानून से बच रहा है. अदालत के इस आदेश के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है.

हाफिज सईद के खिलाफ अदालत का सख्त रुख

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी हाफिज सईद लगातार गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है. एजेंसी ने अदालत से ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करने की मांग की ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके. विशेष एनआईए अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि निष्पक्ष, प्रभावी और व्यापक जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ आवश्यक है.

अदालत ने वारंट जारी करते हुए इसे एनआईए जम्मू के उपमहानिरीक्षक को कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए भेज दिया. एनआईए ने अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद पर भारतीय न्याय संहिता और गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं.

'ट्रायल इन एब्सेंटिया' की प्रक्रिया होगी आगे

अदालत के आदेश के बाद हाफिज सईद के खिलाफ 'ट्रायल इन एब्सेंटिया' यानी आरोपी की अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है. एनआईए ने अदालत को बताया कि सईद फिलहाल पाकिस्तान में है और उसे भारत लाना संभव नहीं है. नए आपराधिक कानूनों के तहत यदि कोई आरोपी जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बचता है तो अदालत उसके बिना भी मुकदमा आगे बढ़ा सकती है. एजेंसी अब उसे घोषित अपराधी घोषित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है. इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे भगोड़ों को कानून से बचने का अवसर न देना है जो देश से बाहर बैठकर गंभीर अपराधों की साजिश रचते हैं.

पहलगाम हमले की जांच में लगातार हो रहे खुलासे

22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे. इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया और एनआईए ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की. इससे पहले दायर चार्जशीट में पाकिस्तान के आतंकियों सुलेमान, जिब्रान, हमजा अफगानी और साजिद सैफुल्लाह जट्ट को आरोपी बनाया गया था. जांच के दौरान पहलगाम के दो स्थानीय आरोपियों बशीर अहमद और परवेज अहमद के नाम भी सामने आए. अब हाफिज सईद का नाम शामिल होने के बाद जांच एजेंसियां सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क और हमले की साजिश के बीच संबंधों को और मजबूत करने में जुटी हैं.