नई दिल्ली: केरल के पलक्कड़ जिले की एक अदालत में सोमवार को उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब दो लोगों की हत्या के दोषी करार दिए गए चेंथमारा ने अपने बयान से सभी को चौंका दिया. अदालत के सामने उसने साफ कहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और जरूरत पड़ने पर वह दोबारा भी हत्या कर सकता है. उसके इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है.
58 वर्षीय चेंथमारा को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने जनवरी 2025 में अपने पड़ोसी सुधाकरण और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी ठहराया. फैसले के दौरान अदालत ने जिला प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि आरोपी को अपने अपराध का कोई नैतिक पछतावा नहीं है. इस पर चेंथमारा ने खुद कहा कि वह अपने बयान पर कायम है.
सरकारी वकील एम. जे. विजयकुमार के मुताबिक अदालत में चेंथमारा ने कहा, 'मुझे कोई पछतावा नहीं है. मैं गांधीवादी नहीं हूं. अगर कोई मेरे रास्ते में आया तो मैं फिर हत्या करूंगा.' सजा पर सुनवाई 15 जुलाई को होनी है. इस दौरान आरोपी ने अदालत से यह भी कहा कि यदि उचित समझे तो उसे फांसी दे दी जाए.
यह पहला मामला नहीं है जिसमें चेंथमारा दोषी ठहराया गया है. वर्ष 2019 में उसने सुधाकरण की पत्नी सजीथा की भी धारदार हथियार से हत्या की थी. उस मामले में अदालत उसे पहले ही दोहरे आजीवन कारावास और 3.25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुना चुकी है. उस समय वह जमानत पर बाहर था.
अभियोजन के अनुसार आरोपी को वर्षों से इस परिवार से गहरी दुश्मनी थी. उसका मानना था कि एक स्थानीय ज्योतिषी की बात सही थी, जिसने कहा था कि उसकी पत्नी के छोड़कर जाने के पीछे यही परिवार जिम्मेदार है. इसी रंजिश के चलते उसने पहले 2019 में और फिर जनवरी 2025 में दोबारा हमला किया.
सरकारी पक्ष ने अदालत में कहा कि वैज्ञानिक जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयान आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत साबित हुए. अभियोजन अब 15 जुलाई को होने वाली सुनवाई में चेंथमारा के लिए मृत्युदंड की मांग करेगा. इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोपी जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने के बावजूद वारदात को अंजाम देने में सफल रहा.