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CBSE ने बदले 11वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा पैटर्न, जानें क्या है मकसद

CBSE Changes Exam Format: सीबीएसई ने 11वीं और 12वीं परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करने का फैसला किया है. यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि छात्र रटने के बजाए समझने के कॉन्सेप्ट पर जोर दे सके. 

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CBSE ने बदले 11वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा पैटर्न, जानें क्या है मकसद

CBSE Changes Exam Format: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 11वीं और 12वीं की परीक्षा पैटर्न को बदलने का फैसला लिया है. CBSE की ओर से शेयर की गई जानकारी के अनुसार नए पैटर्न में योग्यता-आधारित प्रश्नों होंगे जो जिसमें कॉन्सेप्ट को समझने पर जोर दिया जाएगा.

जानकारी के अनुसार एमसीक्यू, केस-आधारित प्रश्न, स्रोत-आधारित एकीकृत प्रश्नों को 40 से बढ़ाकर 50 फीसदी किया गया है. इसके अलावा छोटे और लंबे उत्तरों वाले प्रश्नों की संख्या को 40 से घटाकर 30 फीसदी किया गया है. वहीं MCQ वाले सेक्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 

CBSE  ने क्यों किया बदलाव

सीबीएसई के निदेशक (शैक्षणिक) जोसेफ एमानुएल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत ये बदलाव किए हैं. यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि छात्र रटने के बजाए समझने के कॉन्सेप्ट पर जोर दें. अकसर देखा जाता है कि परीक्षा में बेहतर अंक पाने के लिए छात्र लॉन्ग या शॉर्ट  प्रश्न  के जवाब को रट लेते हैं. ऐसे में परीक्षा में अगर ऐसे प्रश्नों की संख्या कम कर दी जाती है तो कॉम्पिटेंसी बेस्ड प्रश्नों का उत्तर देने के लिए छात्र रटने के बजाए समझने पर जोर देंगे. 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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इस नए पैटर्न के माध्यम से सीबीएसई की कोशिश एक शैक्षिक इकोसिस्टम बनाने, 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए छात्रों की सोच को विकसित करने की है. आपको बताते चलें, 9वीं और 10वीं के परीक्षा पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

CBSE से एफिलिएटेड स्कूलों को सर्कुलर जारी

CBSE की ओर से बुधवार को सभी एफिलिएटेड स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया गया है. इस सर्कुलर में सीबीएसई के निदेशक जोसेफ एमानुएल ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुसार बोर्ड ने स्कूलों में योग्यता आधारित शिक्षा के की दिशा में कई कदम उठाए हैं, जिसमें कॉम्पिटेंसी का असेसमेंट करना, शिक्षकों और छात्रों के लिए संसाधनों को उपलब्ध कराना, विकास के साथ-साथ शिक्षकों की निरंतर क्षमता निर्माण आदि शामिल हैं.