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Beef Ban In Canteen: मैनेजर का आदेश ठुकराया! कोच्चि बैंक में कर्मचारियों ने कैंटीन में परोसा गोमांस, सोशल मीडिया पर छाया मामला

Beef Ban In Canteen: कोच्चि के केनरा बैंक में बैंक कर्मचारियों ने बीफ बैन के विरोध में कैंटीन में बीफ परोसकर अनोखा प्रदर्शन किया है. BEFI और राजनीतिक नेताओं के समर्थन से यह विरोध व्यक्तिगत पसंद और धार्मिक स्वतंत्रता पर बहस का कारण बन गया.

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Edited By: Babli Rautela
Beef Ban In Canteen: मैनेजर का आदेश ठुकराया! कोच्चि बैंक में कर्मचारियों ने कैंटीन में परोसा गोमांस, सोशल मीडिया पर छाया मामला
Courtesy: Social Media

Beef Ban In Canteen: कोच्चि स्थित केनरा बैंक की शाखा में एक अनोखी घटना देखने को मिली, जब कर्मचारियों ने बैंक के ऑफिस और कैंटीन में बीफ बैन के विरोध में बीफ परोसा. कर्मचारियों का कहना है कि बिहार के रहने वाले एक मैनेजर ने हाल ही में केरल में कार्यभार संभालते हुए बैंक की कैंटीन में बीफ परोसे जाने पर रोक लगा दी थी.

बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) ने प्रारंभ में इस विरोध को मैनेजर के मानसिक उत्पीड़न और कर्मचारियों के लिए अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ शुरू किया था. लेकिन जैसे ही कर्मचारियों को बीफ प्रतिबंध के बारे में पता चला, फेडरेशन ने विरोध को इस मुद्दे पर केंद्रित कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने ऑफिस के बाहर बीफ और परोटा परोसकर अपनी नाराजगी जताई है.

कर्मचारियों का बयान

फेडरेशन के नेता एसएस अनिल ने कहा, 'यहां एक छोटी कैंटीन चलती है और चुनिंदा दिनों में ही गोमांस परोसा जाता है. मैनेजर ने कैंटीन के कर्मचारियों को सूचित किया कि अब गोमांस नहीं परोसा जाना चाहिए. यह बैंक संविधान के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करता है. भोजन एक व्यक्तिगत पसंद है. भारत में, प्रत्येक व्यक्ति को अपना भोजन चुनने का अधिकार है. हम किसी को भी गोमांस खाने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं. यह बस हमारा विरोध प्रदर्शन है.'

केनरा बैंक विरोध प्रदर्शन पर राजनीतिक समर्थन

इस विरोध प्रदर्शन को राज्य के राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिला. वाम समर्थित निर्दलीय विधायक केटी जलील ने कहा, 'केरल में संघ परिवार के किसी भी एजेंडे को अनुमति नहीं दी जाएगी. क्या पहनना है, क्या खाना है और क्या सोचना है, यह वरिष्ठों द्वारा तय नहीं किया जाना चाहिए. यह धरती लाल है. इस धरती का हृदय लाल है. जहां कहीं भी लाल झंडा लहराता है, आप बिना किसी डर के फासीवादियों के खिलाफ बोल सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं. जब कम्युनिस्ट एकजुट होंगे, तो साथी किसी को भी भगवा झंडा फहराने और लोगों की भलाई को कमजोर करने की अनुमति नहीं देंगे. यही दुनिया है. यही दुनिया का इतिहास है!'