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India Daily

'कांग्रेस पार्टी में ऐसा लगने लगा था कि हम पूरी तरह फंस गए...', भारत शिखर सम्मेलन में बोले राहुल गांधी

Bharat Summit Rahul Gandhi: भारत शिखर सम्मेलन में राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के पीछे की कहानी बताई. उन्होंने बताया कि आखिर भारत जोड़ो यात्रा का आईडिया उन्हें कहां से आया.

Gyanendra Tiwari
'कांग्रेस पार्टी में ऐसा लगने लगा था कि हम पूरी तरह फंस गए...', भारत शिखर सम्मेलन में बोले राहुल गांधी
Courtesy: Social Media

Bharat Summit Rahul Gandhi: हैदराबाद में आयोजित भारत समिट के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी की हाल की स्थिति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर ऐसा माहौल बन गया था, जब उन्हें लगा कि वे पूरी तरह फंस गए हैं और बिल्कुल अकेले पड़ गए हैं.

राहुल गांधी ने कहा, "कुछ साल पहले, हमें कांग्रेस पार्टी में ऐसा लगने लगा था कि हम पूरी तरह फंस गए हैं और अकेले पड़ गए हैं. ये जो नई राजनीति है – आक्रामक राजनीति – इसमें विपक्ष से बातचीत नहीं होती, बल्कि विपक्ष को कुचलने की कोशिश होती है. हमें ऐसा लगा कि हमारे सारे रास्ते बंद हो गए हैं. मीडिया और माहौल ऐसा हो गया था कि हम वैसे काम नहीं कर पा रहे थे, जैसा हम करना चाहते थे."

भारत जोड़ो यात्रा से मिली नई दिशा, बोले राहुल गांधी

उन्होंने आगे कहा, "तब हमने अपने इतिहास की तरफ देखा और हमने तय किया कि कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक पैदल यात्रा करेंगे. मैं कल ही कश्मीर में था. इस यात्रा से मैंने दो बातें सीखी. पहली बात ये कि हमारे विरोधी (दुनिया भर में) गुस्सा, डर और नफरत पर कब्जा किए हुए हैं. और अगर हम इन चीजों में उनके साथ मुकाबला करने की कोशिश करेंगे, तो हम हर बार हारेंगे. वे गुस्सा, डर और नफरत फैलाने में हमसे आगे रहेंगे."

डर, गुस्सा और नफरत से नहीं जीत सकते- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्हें यह समझ में आया कि उनके विरोधी डर, गुस्सा और नफरत के माध्यम से राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने यह भी माना कि यदि वे भी इसी रास्ते पर चलेंगे, तो वे हर बार हार जाएंगे, क्योंकि विपक्ष इन नकारात्मक भावनाओं में अधिक माहिर है.

राहुल गांधी ने कहा, "तो असली सवाल ये है कि हम किस रास्ते पर चलें? हमारे लिए कौन-से मौके हैं जहाँ हमें बढ़त मिल सकती है? ऐसे कौन से क्षेत्र हैं जहाँ से हम एक नया नजरिया खड़ा कर सकते हैं?"